ई-रिक्शा के लिए ‘नो एंट्री’ नियम 10 फरवरी से सात जोन में बंटेगा शहर, रंगीन QR कोड से तय होगा इलाका
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर शहर की जाम की समस्या पर लगाम कसने के लिए यातायात विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। शहर में दौड़ रहे करीब 65 हजार ई-रिक्शा और ई-ऑटो के संचालन के लिए 10 फरवरी से नई जोनल व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत अब ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालक केवल अपने गृह जोन में ही वाहन चला सकेंगे। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था के अंतर्गत जिले को थाना स्तर पर सात अलग-अलग जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग रंग का QR कोड निर्धारित किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि वाहन किस क्षेत्र में संचालन के लिए अधिकृत है।
QR कोड अनिवार्य, बिना इसके नहीं चलेगा वाहन
यातायात विभाग द्वारा ई-रिक्शा और ई-ऑटो मालिकों को पांच जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद निशुल्क QR कोड जारी किए जाएंगे। इनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन, बीमा, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र शामिल हैं। जिन वाहनों पर पहले से QR कोड लगे हैं, उन्हें भी नया QR कोड लेना होगा। बिना QR कोड या गलत जोन में वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान, वाहन सीज जैसी कार्रवाई की जाएगी।
केवल 22 हजार वाहन ही फिट
आंकड़ों के मुताबिक शहर में पंजीकृत 65 हजार ई-रिक्शा और ई-ऑटो में से फिलहाल सिर्फ 22 हजार वाहन ही फिट पाए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद न केवल अवैध और अनफिट वाहनों पर रोक लगेगी, बल्कि यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। जोनल सिस्टम से जाम और हादसों में कमी की उम्मीद यातायात अधिकारियों का कहना है कि जोन आधारित संचालन से ई-रिक्शा चालक अपने क्षेत्र की सड़कों और सवारियों से बेहतर परिचित होंगे। इससे मनमानी रूटिंग पर रोक लगेगी और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम में कमी आएगी। जरूरत के अनुसार किसी इलाके में वाहनों की संख्या घटाई या बढ़ाई भी जा सकेगी।
सवारियों की सुरक्षा के लिए QR स्कैन जरूरी
यातायात विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि ई-रिक्शा या ई-ऑटो में बैठने से पहले QR कोड स्कैन जरूर करें। इससे वाहन मालिक और चालक से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। इससे अभद्रता, सामान गुम होने या किसी विवाद की स्थिति में शिकायत दर्ज कराना आसान होगा।
10 फरवरी तक ले लें QR कोड
एडीसीपी ट्रैफिक राजेश पांडेय ने बताया कि 10 फरवरी तक सभी वाहन मालिक निशुल्क QR कोड प्राप्त कर लें। इसके बाद वाहन को केवल निर्धारित जोन में ही चलाना होगा। नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था को शहर की यातायात समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।






