पैक्ड पानी की गुणवत्ता पर बड़ा खुलासा चार यूनिटों के लाइसेंस निलंबित, कई पर कार्रवाई तय
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के दावों की पोल खुल गई है। बाजार में बिक रहे बोतलबंद और कैन वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा की गई औचक जांच में कई पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिटों में मानकों का खुला उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद चार यूनिटों के लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिए गए हैं।
खाद्य विभाग की टीम ने जिले की कुल 26 पैकेजिंग यूनिटों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 10 यूनिटें बंद मिलीं, जबकि कई अन्य यूनिटों में स्वच्छता, पानी की शुद्धता और तकनीकी मानकों को लेकर गंभीर खामियां सामने आईं। चार यूनिटों में पानी की जांच रिपोर्ट मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, वहीं चार यूनिटें निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन नहीं कर रही थीं।
सख्त कार्रवाई करते हुए जिन चार स्टेट लाइसेंस प्राप्त यूनिटों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें
मेसर्स प्रभु कृपा एंटरप्राइजेज (पनकी इंडस्ट्रियल एरिया),
केएस टेस्टी ड्रिंक्स एंड रिफ्रेशमेंट सॉल्यूशन (यशोदा नगर),
संतोषा इंडस्ट्रीज (गोविंद नगर) और
सत्यम एंटरप्राइजेज (हंसपुरम, नौबस्ता)
शामिल हैं।
इन यूनिटों में अल्ट्रावायलेट ट्रीटमेंट की व्यवस्था, पानी की नियमित लैब जांच रिपोर्ट, और स्वच्छता मानक बेहद खराब पाए गए। खाद्य विभाग ने इसे सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
इसके अलावा, चार केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त यूनिटों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी गई है। इन यूनिटों में भी कामकाज मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
आठ यूनिटों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
जांच के दौरान खाद्य विभाग ने आठ यूनिटों से पानी के सैंपल एकत्र कर उन्हें प्रयोगशाला भेजा है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद संबंधित यूनिटों पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ किया है कि रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निलंबन के साथ-साथ एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
मनमानी से चल रहा है पैक्ड पानी का कारोबार
जांच में यह भी सामने आया कि जिले में कैन और बोतल में पानी सप्लाई करने वाली कई यूनिटों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी। ब्रांड नाम के सहारे पानी पैक कर बेचने वाली कुछ कंपनियां गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही थीं, जो सीधे आम जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज किया जाएगा। मानकों से समझौता करने वाली किसी भी यूनिट को बख्शा नहीं जाएगा।
कुल मिलाकर, यह कार्रवाई न सिर्फ अवैध और लापरवाह पैक्ड पानी कारोबारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने का संदेश देती है।






