मेहरबान सिंह पुरवा का दंगल बना ऐतिहासिक, अखाड़े में उतरे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। कानपुर के मेहरबान सिंह पुरवा में रविवार को आयोजित पारंपरिक दंगल उस वक्त ऐतिहासिक बन गया, जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक खुद अखाड़े के बीच पहुंच गए। स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की पुण्य स्मृति में आयोजित इस दंगल में डिप्टी सीएम ने न सिर्फ पहलवानों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि माइक थामकर कुश्ती की कॉमेंट्री भी की, जिससे पूरा मैदान तालियों और नारों से गूंज उठा।
सफेद कुर्ता-पायजामा पहने जैसे ही बृजेश पाठक अखाड़े की मिट्टी पर उतरे, दर्शकों ने “भारत माता की जय” के नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। उनके इस आत्मीय और सहज अंदाज़ ने दंगल के माहौल को और भी जीवंत बना दिया। डिप्टी सीएम ने दिल्ली के दिग्गज आशीष पहलवान और हरियाणा के जोंटी पहलवान के बीच होने वाले मुकाबले का संचालन करते हुए दोनों का हाथ मिलवाया और मुकाबले की शुरुआत कराई।
कॉमेंट्री के दौरान बृजेश पाठक ने पहलवानों के दांव-पेंचों की बारीकियों पर टिप्पणी की और समय-समय पर उनका हौसला भी बढ़ाया। एक जनप्रतिनिधि को इस तरह अखाड़े में उतरकर कुश्ती का आनंद लेते और उसका संचालन करते देख हजारों दर्शक रोमांचित हो उठे। पूरा मैदान उत्साह और जोश से भर गया।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दंगल हमारी प्राचीन संस्कृति और ग्रामीण परंपरा का अहम हिस्सा है। चौधरी हरमोहन सिंह यादव ने हमेशा मिट्टी से जुड़े खेलों को बढ़ावा दिया और युवाओं को खेलों से जोड़ने का कार्य किया।
आशीष और जोंटी के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को चित करने के लिए शानदार ताकत, फुर्ती और तकनीक का प्रदर्शन किया। डिप्टी सीएम की मौजूदगी और उनके उत्साहवर्धक शब्दों ने अखाड़े में जैसे नई ऊर्जा भर दी, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
कुल मिलाकर, मेहरबान सिंह पुरवा का यह दंगल केवल एक खेल आयोजन नहीं रहा, बल्कि परंपरा, संस्कृति और जनभावनाओं का जीवंत उत्सव बन गया—जिसमें डिप्टी सीएम की सक्रिय भागीदारी ने इसे यादगार बना दिया।






