लखनऊ की दो ग्राम पंचायतों से शुरू हुआ डिजिटल मॉडल, यूपी के 1000 गांवों तक पहुंचेगी आधार सेवाएं
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संवाद 24 लखनऊ। ग्रामीण क्षेत्रों में आधार-सेवाओं को ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। इस परियोजना की शुरुआत लखनऊ जिले की भटगवां पांडेय (सरोजनीनगर ब्लॉक) और सैरपुर (चिनहट ब्लॉक) ग्राम पंचायतों से की गई है, जहाँ अब ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने, अपडेट कराने और प्रमाणीकरण जैसी सेवाएँ अपने ही गांव में उपलब्ध हो रही हैं। यह पहल प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों तक विस्तारित की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को दूर शहरों में जाने की आवश्यकता समाप्त होगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को डिजिटल सेवाओं से जुड़ने का सीधा अवसर देना है। इससे पहले ग्रामीणों को आधार सम्बन्धी कार्यों के लिए ब्लॉक या शहरों की ओर लंबा सफर करना पड़ता था, जिससे समय, संसाधन और सूचीबद्धता में बाधाएँ उत्पन्न होती थीं।
परियोजना के पहले चरण में 1000 ग्राम पंचायतों को चुना गया है, जहाँ ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों का संचालन स्थानीय ग्राम पंचायत सहायकों द्वारा किया जाएगा, जिनका प्रशिक्षण भी पहले से पूरा किया जा रहा है। इस प्रयास से न केवल ग्रामीणों की आधार सेवाओं तक पहुँच सुगम होगी, बल्कि ग्राम स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पंचायती राज विभाग के मुताबिक, परियोजना को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश भर की 57,694 ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा, ताकि हर गाँव में आधार सेवाएँ सरल, पारदर्शी और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। इससे ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं और लाभों का सीधा जुड़ाव सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण नागरिकों की सरकारी सेवाओं तक भागीदारी और सशक्तिकरण में वृद्धि होगी।






