कांशीराम अस्पताल में मरीजों को मिलेगी राहत जल्द शुरू होंगे 12 प्राइवेट वार्ड, प्रतिदिन 500 रुपये होगा शुल्क
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। कानपुर के कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को प्राइवेट वार्ड की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल में 12 प्राइवेट वार्ड बनकर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जिन्हें जल्द ही मरीजों के लिए खोल दिया जाएगा।
घाटमपुर, बिधनू, नौबस्ता, जाजमऊ, रामादेवी समेत आसपास के हाईवे पर होने वाले सड़क हादसों में घायल बड़ी संख्या में मरीज कांशीराम अस्पताल लाए जाते हैं। इसके अलावा रोजाना सैकड़ों मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। अभी तक अस्पताल में प्राइवेट वार्ड की सुविधा न होने के कारण मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था।
शासन की अनुमति के बाद हुआ निर्माण
इस समस्या को देखते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. नवीन चंद्र ने शासन को पत्र लिखकर प्राइवेट वार्ड निर्माण की अनुमति मांगी थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद वार्डों का निर्माण कराया गया, जिनमें पेंटिंग समेत सभी जरूरी कार्य पूरे हो चुके हैं।
500 रुपये प्रतिदिन होगा किराया
प्राइवेट वार्ड का प्रतिदिन का किराया 500 रुपये निर्धारित किया गया है। हालांकि ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और दवाओं का शुल्क अलग से देना होगा, जिसकी दरें अभी तय की जा रही हैं।
प्रत्येक प्राइवेट वार्ड में मरीज के लिए बेड के साथ-साथ तीमारदार के लिए डबल बेड की सुविधा होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे वार्ड
प्राइवेट वार्डों में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। इनमें—
एसी की सुविधा
चादर, कंबल
अलमारी, सोफा और कुर्सियां
अटैच बाथरूम
किचन की व्यवस्था
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर माहौल में इलाज मिल सके।
सांसद निधि से 25 लाख रुपये देने का आश्वासन
गुरुवार को सीएमएस डॉ. नवीन चंद्र ने सांसद रमेश अवस्थी से मुलाकात कर प्राइवेट वार्ड जल्द शुरू कराने की मांग की। इस पर सांसद ने सांसद निधि से 25 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है।
सीएमएस ने बताया कि वे लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्राइवेट वार्डों के औपचारिक शुभारंभ की मांग करेंगे।
मरीजों को मिलेगा सस्ता और बेहतर विकल्प
कांशीराम अस्पताल में प्राइवेट वार्ड शुरू होने से मरीजों को कम खर्च में बेहतर सुविधा मिलेगी और सरकारी अस्पताल में ही निजी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह कदम न केवल मरीजों बल्कि उनके परिजनों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगा।






