ताजमहल में तीन दिवसीय उर्स का आगाज अकीदत, परंपरा और रौशनी में डूबा संगमरमर का मकबरा
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संवाद 24 संवाददाता। दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल एक बार फिर अकीदत और रूहानी माहौल का गवाह बना, जब मुगल बादशाह शाहजहां का 371वां तीन दिवसीय उर्स बृहस्पतिवार को पूरे एहतराम और परंपरा के साथ शुरू हुआ। इस मौके पर ताजमहल परिसर में श्रद्धा, इबादत और इतिहास का अनूठा संगम देखने को मिला। उर्स के पहले दिन दोपहर 2 बजे अजान के साथ शाहजहां और मुमताज महल की असली कब्रों के दरवाजे खोले गए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन और पर्यटक पहुंचे।
उर्स के शुभारंभ के साथ ही गुस्ल की रस्म अदा की गई। इस पवित्र परंपरा में देश-विदेश से आए जायरीन शामिल हुए। खास बात यह रही कि उर्स के पहले दिन दोपहर 2 बजे के बाद ताजमहल में सभी पर्यटकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया, जिससे आम लोगों को भी इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर मिला।
15 से 17 जनवरी तक चलेगा उर्स
खुद्दामे रोजा ताजमहल उर्स कमेटी के अध्यक्ष हाजी ताहिरउद्दीन ताहिर ने बताया कि शाहजहां का जश्ने उर्स मुबारक 15 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा। पहले दिन दरगाह शाम 5 बजे तक खुली रही और मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। ताज परिसर में पूरे दिन इबादत और रूहानी माहौल बना रहा।
16 जनवरी 2026 को भी दोपहर 2 बजे से सभी पर्यटकों के लिए ताजमहल में प्रवेश निशुल्क रहेगा। इस दिन दरगाह पर संदल शरीफ, गुलपोशी और फातिहा पढ़ी जाएगी। इसके बाद कव्वालों द्वारा कव्वाली पेश की जाएगी, जिसमें सूफियाना कलाम के जरिए शाहजहां और मुमताज को खिराजे अकीदत पेश की जाएगी। इसी दिन मुशायरे का आयोजन भी होगा, जिसमें शायर अपने कलाम से माहौल को और भी रूहानी बनाएंगे।
सतरंगी चादर बनेगी आकर्षण का केंद्र
उर्स मुबारक के अंतिम दिन यानी 17 जनवरी 2026 को कुरान खानी पूरे दिन चलेगी और चादरपोशी का सिलसिला जारी रहेगा। इस दिन खास आकर्षण रहेगा हिंदुस्तान की सबसे लंबी हिंदुस्तानी सतरंगी चादर का जुलूस। यह जुलूस हनुमान मंदिर सिद्दी गेट से शुरू होकर ताजमहल के भीतर पहुंचेगा। इस बार सतरंगी कपड़े की चादर 1620 मीटर लंबी बनाई गई है। चादर के साथ 15 से 20 वीआईपी भी मौजूद रहेंगे। कमेटी के वाइस प्रेसिडेंट रिजवानुद्दीन जुगनू पूरे जुलूस के साथ रहेंगे।
सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष जोर
उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी खास इंतजाम किए गए हैं। स्वयंसेवकों (वॉलिंटियर्स) की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि जायरीन और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कमेटी की ओर से सभी आगंतुकों से अपील की गई है कि ताजमहल परिसर में किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित वस्तु न लाएं। धूम्रपान, लाठी-डंडा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई बाधा न आए।
17 जनवरी को पूरे दिन फ्री प्रवेश
उर्स मुबारक के समापन दिवस 17 जनवरी 2026 को ताजमहल पूरे दिन के लिए निशुल्क रहेगा। ऐसे में बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। तीन दिनों तक चलने वाला यह उर्स न सिर्फ शाहजहां और मुमताज की याद को ताजा करता है, बल्कि ताजमहल को एक बार फिर मोहब्बत, इंसानियत और रूहानियत का प्रतीक बना देता है।






