गंदा पानी जलकल का, जांच जल निगम की पाइपलाइन से बारादेवी, जूही में आपूर्ति पर उठे गंभीर सवाल
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संवाद 24 संवाददाता। शहर में पेयजल व्यवस्था की खामियां एक बार फिर उजागर हुई हैं। बारादेवी क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से दो बच्चों के बीमार पड़ने के बाद जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को जब पानी के नमूने लिए गए तो चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जांच जल निगम की पाइपलाइन से सप्लाई हो रहे पानी की की गई, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंदा पानी जलकल विभाग की पाइपलाइन से आ रहा था।
जूही लाल कॉलोनी में बारादेवी मंदिर के उत्तरी द्वार के आसपास गंदे पानी की आपूर्ति से क्षेत्रीय पार्षद हरी स्वरूप तिवारी ‘निक्कू’ की बेटी काव्या तिवारी सहित दो बच्चे बीमार हो गए। पार्षद का कहना है कि उन्होंने तीन दिन पहले ही जलकल विभाग को दूषित पानी की शिकायत की थी, जिसके बाद आपूर्ति बंद कर दी गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब जलकल की सप्लाई पहले ही रोकी जा चुकी थी, तो नमूने जल निगम की लाइन से क्यों लिए गए?
टूटी पाइपलाइन बनी बीमारी की वजह
पार्षद हरी स्वरूप तिवारी ने बताया कि पंडित शिवनारायण एजुकेशन सेंटर के पास पुलिया के नीचे पाइपलाइन टूटी हुई है। इसी वजह से नालियों का गंदा पानी पाइप में मिलकर घरों तक पहुंच रहा था। उन्होंने जलकल विभाग से न सिर्फ टूटी पाइपलाइन की मरम्मत, बल्कि जलकल की आपूर्ति वाले पानी की भी जांच कराने और क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
वार्ड-14 (सब्जी मंडी, किदवईनगर) की पार्षद शालू कनौजिया ने भी बंबुरहिया और आसपास के मोहल्लों में साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
जूही और गोविंदनगर में भी हालात खराब
समस्या सिर्फ बारादेवी तक सीमित नहीं है। गोविंदनगर जे-ब्लॉक में भी जैसे ही पानी की आपूर्ति शुरू होती है, नलों से बदबूदार काला पानी निकलता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक डेढ़ महीने पहले मोहल्ले का ट्यूबवेल खराब होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। वहीं जूही लाल कॉलोनी में पिछले छह महीनों से टूटी पाइपलाइन से पानी नालियों में बह रहा है, लेकिन जलकल विभाग ने अब तक मरम्मत नहीं कराई।
इलाके के लोग मजबूरी में पानी उबालकर पी रहे हैं या फिर पीने के लिए पानी खरीद रहे हैं।
गोविंदनगर जे-ब्लॉक निवासी ज्ञान चंद्र शर्मा का कहना है कि “नल से पहले काला, बदबूदार पानी आता है, बाद में कुछ साफ होता है लेकिन बदबू बनी रहती है। आशंका है कि नाले के पास पुरानी पाइपलाइन टूट चुकी है।
जूही लाल कॉलोनी के शिवम बताते हैं कि “ब्लॉक नंबर-128 के सामने छह–सात महीने से पाइपलाइन टूटी है, शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जिम्मेदारी से बचता दिख रहा विभाग
जूही कलां वार्ड के पार्षद अमित जायसवाल ने बताया कि गोविंदनगर और जूही लाल कॉलोनी की समस्याओं की शिकायत जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता से की गई, लेकिन हालात जस के तस हैं।
वहीं जलकल विभाग के महाप्रबंधक आनंद कुमार त्रिपाठी का कहना है कि जूही हमीरपुर रोड वार्ड में कई जगह पाइपलाइनों की मरम्मत चल रही है, जिस कारण वहां आपूर्ति बंद है। जो पानी आ रहा है, उसकी जांच की गई है और मरम्मत के बाद दूसरी लाइन के पानी की भी जांच कराई जाएगी। विभाग के अनुसार, जूही क्षेत्र में नियमित रूप से पानी की जांच की जा रही है।
जनता के भरोसे पर संकट
पूरे मामले ने जलकल विभाग की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब गंदे पानी से बच्चे बीमार हो रहे हों और जांच किसी दूसरी पाइपलाइन की हो, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? साफ है कि सिर्फ कागजी जांच से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर टूटी पाइपलाइनों की मरम्मत और पारदर्शी कार्रवाई से ही लोगों को शुद्ध पानी मिल सकेगा।






