रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम तेजस लड़ाकू विमान को कानपुर से मिलेगा स्वदेशी सुरक्षा कवच
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और अहम उपलब्धि जुड़ गई है। अब भारतीय वायुसेना के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस को सुरक्षित लैंडिंग के लिए कानपुर में निर्मित स्वदेशी हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट सिस्टम का सुरक्षा कवच मिलेगा। इस तकनीक के सफल परीक्षण के बाद भारत की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती मिली है और विदेशी निर्भरता में भी कमी आएगी।
रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (GIL) की इकाई आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ), कैंट में इस अत्याधुनिक हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट का निर्माण किया गया है। यह सिस्टम आपात परिस्थितियों में तेजस जैसे लड़ाकू विमान को 340 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी कम दूरी वाले रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग कराने में सक्षम है।
तकनीक और मजबूती का अनूठा संगम
हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट ‘यूनि-क्रॉस मेन कैनोपी डिजाइन’ पर आधारित है। इसका विस्तार 5.75 मीटर है और यह 17 वर्ग मीटर क्षेत्र को कवर करता है। विशेष बनावट के कारण यह हवा के तीव्र दबाव को प्रभावी ढंग से सहन करता है और विमान की गति को नियंत्रित करते हुए तेजी से कम करता है।
इस पैराशूट सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसका महज 10 किलोग्राम वजन है, जो अत्यधिक गति से उड़ रहे लड़ाकू विमान को संतुलित करने में सक्षम है। युद्ध अथवा आपात हालात में यह प्रणाली पायलटों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ दुर्गम और छोटे रनवे पर भी विमान की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करेगी।
रूस पर निर्भरता होगी कम
अब तक इस तरह की प्रणालियों के लिए भारत को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन कानपुर में विकसित इस स्वदेशी प्रणाली से रूस समेत अन्य देशों पर निर्भरता समाप्त होने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा है। यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई गति देगी।
सात साल पहले हुआ था तकनीक का हस्तांतरण
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने करीब सात वर्ष पहले ओपीएफ को तेजस लड़ाकू विमान के लिए ब्रेक पैराशूट निर्माण की तकनीक हस्तांतरित की थी। इसके बाद से ओपीएफ भारतीय वायुसेना और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की मांग के अनुरूप पैराशूट की आपूर्ति करता रहा है।
अब रक्षा उत्पादन विभाग से 300 हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट सिस्टम के ऑर्डर को लेकर ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड, रक्षा उत्पादन विभाग और HAL के बीच बातचीत चल रही है। वार्ता सफल रहने पर जल्द ही बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है।
नेतृत्व का बयान
ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के सीएमडी एम.सी. बालासुब्रमणियम ने कहा,
“तेजस एलसीए के लिए हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट सिस्टम का निर्माण हमारे संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। जीआईएल की इकाई ओपीएफ के पास इस प्रणाली को बनाने की पूर्ण तकनीकी दक्षता है। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान में रक्षा क्षेत्र का अहम योगदान है। नए ऑर्डर को लेकर सकारात्मक बातचीत चल रही है।
कानपुर बना रक्षा निर्माण का मजबूत केंद्र
इस परियोजना के साथ कानपुर न सिर्फ ऐतिहासिक औद्योगिक नगरी के रूप में, बल्कि देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान और मजबूत कर रहा है।






