जमीन पर खून की खेती: पूर्व बसपा विधायक के भतीजे को लाठियों से तोड़ा, चाकू से गोदा, फिर सीने पर चढ़ा दी गाड़ी
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संवाद 24 बुलंदशहर। बुलंदशहर में जमीन विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। पूर्व बसपा विधायक मरहूम हाजी अलीम के भतीजे सूफियान की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि उसका भाई अकरम गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों भाई जमीन की पैमाइश कराने पहुंचे थे, तभी दूसरे पक्ष ने उन्हें घेर लिया और जानलेवा हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला किया गया। जब वे बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े, तो हमलावरों ने धारदार हथियार से कई वार किए। इसके बाद भी हैवानियत नहीं थमी—आरोपियों ने दोनों के सीने पर गाड़ी चढ़ा दी और मौके से फरार हो गए।
घटना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्यासपुर गांव की है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 43 वर्षीय सूफियान को मृत घोषित कर दिया। 45 वर्षीय अकरम का इलाज चल रहा है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
सूफियान और अकरम, बुलंदशहर सदर सीट से दो बार बसपा विधायक रहे मरहूम हाजी अलीम के भतीजे थे। उनके पिता हाजी वाहिद प्रॉपर्टी डीलर हैं, जबकि चाचा हाजी यूनुस सदर ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। वर्तमान में हाजी यूनुस की पत्नी ब्लॉक प्रमुख हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में हाजी यूनुस ने सदर सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था।
हत्या की खबर फैलते ही जिला अस्पताल में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। हालात को देखते हुए एसएसपी दिनेश कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अस्पताल और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एहतियातन तीन थानों की फोर्स तैनात की गई है।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को जब्त कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, पूरा विवाद नीमखेड़ा स्थित डॉ. मुमताज के करीब 24 बीघा बाग से जुड़ा है। डॉ. मुमताज इस बाग को बेचने की तैयारी में थे, जिसको लेकर सूफियान और अकरम से बातचीत चल रही थी। रविवार शाम करीब 7:15 बजे नमाज के बाद दोनों भाई अपने वकील कादिर के साथ बाग की पैमाइश कराने पहुंचे थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार कुछ लोग वहां पहुंचे और विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया।
पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जमीन के इस विवाद ने एक बार फिर दिखा दिया कि सत्ता, रसूख और संपत्ति के खेल में इंसानी जान कितनी सस्ती हो गई है।






