पैरों पर डंडे तोड़े, नाखून उखाड़ा, दूध विक्रेता को दी गई थर्ड डिग्री यातना, गिड़गिड़ाता रहा पीड़ित, नहीं आई पुलिस को दया
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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से पुलिसिया बर्बरता का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। किरावली में पूछताछ के दौरान किसान की पिटाई का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब छत्ता थाना क्षेत्र की जीवनी मंडी पुलिस चौकी में एक दूध विक्रेता को बेरहमी से प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उसके पैरों पर डंडे तुड़वा दिए और नाखून तक उखाड़ लिया।
टेंपो चलाने से मना करना पड़ा भारी
सैंया थाना क्षेत्र के वीरई गांव निवासी नरेंद्र कुशवाह अपने बड़े भाई धीरज के साथ टेंपो से आगरा शहर में घर-घर दूध सप्लाई का काम करते हैं। टेंपो धीरज चलाते हैं, जबकि नरेंद्र को वाहन चलाना नहीं आता। शुक्रवार को दोनों रोज की तरह दूध बांटने छत्ता क्षेत्र के गरीब नगर पहुंचे थे। दूध वितरण के दौरान धीरज आगे निकल गए और नरेंद्र टेंपो के पास ही मौजूद था।
करीब 11 बजे जीवनी मंडी चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार किसी झगड़े की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कुछ युवकों को हिरासत में लिया और नरेंद्र से कहा कि वह उन्हें टेंपो में बैठाकर थाने ले चले। नरेंद्र ने जब स्पष्ट किया कि उसे टेंपो चलाना नहीं आता, तो आरोप है कि चौकी प्रभारी भड़क गए।
चौकी में बर्बर पिटाई, पैरों के तलवे बनाए निशाना
पीड़ित के अनुसार, उसे जबरन जीवनी मंडी चौकी लाया गया, जहां जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा गया। इसके बाद सिपाहियों से उसके पैरों के तलवों पर डंडे बरसवाए गए। आरोप है कि दो डंडे पैरों पर मारते-मारते टूट गए और चौकी प्रभारी ने उसके पैर का नाखून तक उखाड़ लिया। नरेंद्र दर्द से चीखता और गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन किसी ने उस पर तरस नहीं खाया।
रुपये और मोबाइल छीने, शांतिभंग में चालान
पीड़ित का आरोप है कि पिटाई के बाद चौकी प्रभारी ने उसका मोबाइल फोन और जेब में रखे 1800 रुपये छीन लिए। इसके बाद उसे थाने ले जाकर शांतिभंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। शुक्रवार को न्यायालय से जमानत मिलने के बाद नरेंद्र अपने रिश्तेदार और भाजपा नेता प्रेम सिंह कुशवाह के साथ डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद निलंबन, जांच के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार को तत्काल निलंबित कर दिया। उनकी जगह गौरव राठी को जीवनी मंडी चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है। साथ ही एसीपी छत्ता को मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच सौंपी गई है।
भाई ने सुनी चीखें, मांगता रहा मदद
नरेंद्र ने बताया कि जब उसका भाई धीरज दूध बांटकर वापस लौटा तो उसने पुलिसकर्मियों को नरेंद्र को घसीटते हुए ले जाते देखा। वह बाहर खड़ा होकर उसकी चीखें सुनता रहा और रिश्तेदारों व परिचितों को फोन कर मदद मांगता रहा, लेकिन तब तक पुलिस उसका चालान कर चुकी थी।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कहा कि प्रारंभिक जांच में चौकी प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उन्हें निलंबित कर दिया गया है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






