
संवाद 24 डेस्क। भारतीय रसोई में चावल केवल भोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि अनेक पारंपरिक व्यंजनों का आधार भी है। कई बार दोपहर या रात के भोजन के बाद चावल बच जाते हैं। ऐसे में उन्हें दोबारा परोसने के बजाय एक स्वादिष्ट और आसान व्यंजन में बदलने का विचार बेहद उपयोगी साबित होता है। महाराष्ट्र की घरेलू पाक परंपरा में लोकप्रिय फोड़णी का भात इसी सोच का शानदार उदाहरण है। इसमें पहले से पके हुए चावल को तेल में डाली गई मसालेदार फोड़नी, प्याज, मूंगफली और हल्के मसालों के साथ मिलाकर नया स्वाद दिया जाता है। कम समय में तैयार होने वाला यह व्यंजन सादगी, स्वाद और घरेलू पाक-कौशल का सुंदर मेल है।
आखिर फोड़णी के भात की खासियत क्या है?
फोड़णी का भात अपनी सरलता के कारण खास है। इसे बनाने के लिए किसी जटिल मसाले या लंबी तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। रसोई में सामान्य रूप से उपलब्ध सरसों, जीरा, हींग, हरी मिर्च, करी पत्ता, प्याज और हल्दी जैसे पदार्थ ही इसके स्वाद को निखार देते हैं। इसमें मूंगफली डालने से हल्की कुरकुराहट आती है, जबकि नींबू का रस पूरे व्यंजन के स्वाद में ताजगी भर देता है। यही कारण है कि एक साधारण कटोरी चावल कुछ ही मिनटों में बिल्कुल अलग और आकर्षक व्यंजन का रूप ले लेता है।
फोड़णी का भात बनाने के लिए पूरी सामग्री
चार व्यक्तियों के लिए फोड़णी का भात बनाने के लिए लगभग चार कटोरी पके हुए चावल, दो से तीन बड़े चम्मच तेल, एक छोटा चम्मच सरसों, आधा छोटा चम्मच जीरा, एक चुटकी हींग, आठ से दस करी पत्ते, दो हरी मिर्च, एक मध्यम आकार का बारीक कटा प्याज, एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी, दो बड़े चम्मच मूंगफली, स्वादानुसार नमक, एक से दो बड़े चम्मच बारीक कटी हरी धनिया और एक से दो छोटे चम्मच नींबू का रस चाहिए। इच्छा के अनुसार इसमें थोड़ी हरी मटर, बारीक कटी गाजर, शिमला मिर्च या अन्य उपलब्ध सब्जियां भी डाली जा सकती हैं।
अच्छे भात से शुरू होती है स्वादिष्ट रेसिपी
फोड़णी का भात बनाने के लिए चावल का सही होना बहुत जरूरी है। ताजा और बहुत ज्यादा नरम चावल की तुलना में ठंडे और दानेदार पके हुए चावल इस व्यंजन के लिए अधिक उपयुक्त रहते हैं। यदि चावल आपस में चिपके हुए हों तो उन्हें हाथ या कांटे की सहायता से धीरे-धीरे अलग कर लेना चाहिए। इससे बाद में फोड़नी के साथ मिलाते समय चावल टूटते नहीं हैं और तैयार व्यंजन में प्रत्येक दाना अलग दिखाई देता है। पहले से पके चावल का उपयोग करते समय उनकी ताजगी और उचित तरीके से रखा जाना भी ध्यान में रखना चाहिए।
फोड़नी ही है इस व्यंजन की असली जान
फोड़णी के भात का स्वाद काफी हद तक उसकी फोड़नी पर निर्भर करता है। इसके लिए कड़ाही में तेल गर्म करें। तेल गर्म होने पर उसमें सरसों डालें। जब सरसों चटकने लगे तो जीरा, हींग, करी पत्ता और बारीक कटी हरी मिर्च डालें। मसालों को कुछ क्षण तक भूनने दें। इस प्रक्रिया से तेल में मसालों की सुगंध अच्छी तरह मिल जाती है और यही सुगंध आगे चलकर पूरे चावल में फैलती है। ध्यान रखें कि मसाले जलने न पाएं, क्योंकि जली हुई फोड़नी पूरे व्यंजन का स्वाद कड़वा कर सकती है।
प्याज और मूंगफली से बढ़ेगा स्वाद
फोड़नी तैयार होने के बाद इसमें बारीक कटा प्याज डालें। प्याज को मध्यम आंच पर तब तक भूनें, जब तक वह नरम होकर हल्का पारदर्शी न हो जाए। इसके बाद मूंगफली डालकर कुछ देर भूनें। मूंगफली को बहुत अधिक भूनने की जरूरत नहीं होती। हल्की भुनी हुई मूंगफली फोड़णी के भात में विशेष स्वाद और कुरकुरापन देती है। यदि पहले से भुनी हुई मूंगफली उपलब्ध है तो उसे बाद में भी मिलाया जा सकता है।
हल्दी और नमक देंगे स्वाद के साथ आकर्षक रंग
प्याज और मूंगफली भुन जाने के बाद इसमें हल्दी और स्वादानुसार नमक डालें। हल्दी चावल को सुंदर पीला रंग देती है और व्यंजन की उपस्थिति को अधिक आकर्षक बनाती है। इस व्यंजन में मसालों का प्रयोग संतुलित रखना बेहतर होता है। बहुत अधिक मसाले डालने से फोड़नी की प्राकृतिक खुशबू दब सकती है। फोड़णी के भात की खूबसूरती ही इसकी हल्की, सुगंधित और घरेलू स्वाद वाली प्रकृति में है।
अब कड़ाही में पहुंचेगा चावल
मसाला अच्छी तरह तैयार हो जाने के बाद पहले से अलग करके रखे हुए चावल कड़ाही में डालें। अब चावल को तेज हाथ से चलाने के बजाय धीरे-धीरे पलटते हुए फोड़नी और मसालों के साथ मिलाएं। इससे चावल के दाने टूटेंगे नहीं। चूंकि चावल पहले से पके हुए हैं, इसलिए उन्हें बहुत देर तक पकाने की आवश्यकता नहीं होती। कुछ मिनट तक मध्यम या धीमी आंच पर पकाने से फोड़नी का स्वाद चावल के प्रत्येक दाने में अच्छी तरह मिल जाता है।
नींबू की कुछ बूंदें बदल देंगी पूरा स्वाद
जब चावल और फोड़नी अच्छी तरह मिल जाएं तो गैस बंद कर दें। इसके बाद ऊपर से नींबू का रस डालें। नींबू का रस गर्मी पर लंबे समय तक पकाने के बजाय अंत में डालने से उसका ताजा स्वाद बेहतर बना रहता है। इसके बाद बारीक कटी हरी धनिया डालकर हल्के हाथ से मिला दें। चाहें तो ऊपर से थोड़ी भुनी हुई मूंगफली भी डाल सकते हैं। इससे व्यंजन की सजावट और स्वाद दोनों बेहतर होते हैं।
फोड़णी का भात बनाने की पूरी विधि एक नजर में
सबसे पहले पके हुए चावल को अलग-अलग दानों में कर लें। अब कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें सरसों डालें। सरसों चटकने लगे तो जीरा, हींग, करी पत्ता और हरी मिर्च डालें। इसके बाद मूंगफली और बारीक कटा प्याज डालकर भूनें। प्याज नरम होने पर हल्दी और नमक डालें। अब पके हुए चावल कड़ाही में डालकर सभी सामग्री को धीरे-धीरे मिलाएं। कुछ मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं। गैस बंद करने के बाद नींबू का रस और हरी धनिया डालें। हल्के हाथ से मिलाने के बाद गरमागरम फोड़णी का भात परोसें।
अपनी पसंद के अनुसार दे सकते हैं नया स्वाद
फोड़णी के भात की सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी मूल विधि में छोटे-छोटे बदलाव करके अलग स्वाद तैयार किया जा सकता है। इसमें हरी मटर, गाजर, शिमला मिर्च या बारीक कटी हुई अन्य सब्जियां डाली जा सकती हैं। यदि किसी को अधिक तीखा स्वाद पसंद है तो हरी मिर्च की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। हल्का स्वाद पसंद करने वालों के लिए मिर्च कम रखी जा सकती है। कुछ लोग इसमें थोड़ा ताजा कसा हुआ नारियल भी डालते हैं, जिससे स्वाद में हल्की मिठास और सुगंध आती है।
पौष्टिकता के लिहाज से भी उपयोगी
चावल मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट प्रदान करते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मूंगफली इस व्यंजन में प्रोटीन और वसा के साथ कुछ आवश्यक पोषक तत्व भी जोड़ती है। यदि इसमें विभिन्न सब्जियां मिलाई जाएं तो भोजन में रेशे, विटामिन और खनिजों की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है। हालांकि केवल फोड़णी का भात अपने आप में संपूर्ण संतुलित भोजन नहीं माना जा सकता। इसे दही, दाल, सब्जी या सलाद जैसी चीजों के साथ परोसने से भोजन अधिक संतुलित बनाया जा सकता है।
बनाते समय इन छोटी गलतियों से बचें
फोड़णी का भात बनाते समय सबसे पहले तेल की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। बहुत अधिक तेल डालने से चावल भारी और चिकने हो सकते हैं। दूसरी ओर बहुत कम तेल में फोड़नी ठीक से तैयार नहीं हो पाती। सरसों और जीरे को जलने से बचाना भी जरूरी है। चावल डालने के बाद उन्हें लगातार और जोर से चलाने से उनके दाने टूट सकते हैं। इसी तरह नमक डालते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि यदि पके हुए चावल में पहले से नमक मौजूद है तो अतिरिक्त नमक कम मात्रा में ही डालें।
कम समय में तैयार होने वाला स्वादिष्ट भोजन
फोड़णी का भात उन व्यंजनों में शामिल है जिन्हें बहुत कम समय में तैयार किया जा सकता है। यदि पके हुए चावल पहले से मौजूद हों तो इसकी तैयारी और पकाने में अधिक समय नहीं लगता। यही कारण है कि व्यस्त सुबह, हल्के दोपहर के भोजन या शाम के समय यह एक सुविधाजनक विकल्प बन सकता है। इसमें किसी विशेष उपकरण या जटिल पाक तकनीक की आवश्यकता नहीं होती।
बचा हुआ भोजन, लेकिन बिल्कुल नया स्वाद
फोड़णी का भात हमें यह भी सिखाता है कि बचा हुआ भोजन हमेशा दोबारा उसी रूप में खाने की जरूरत नहीं होती। थोड़ी कल्पनाशीलता और सही मसालों के इस्तेमाल से वही भोजन एक नए व्यंजन का रूप ले सकता है। इस दृष्टि से फोड़णी का भात रसोई में भोजन की उपयोगिता बढ़ाने और अनावश्यक बर्बादी कम करने की एक सरल घरेलू मिसाल भी है।
आखिर में क्यों याद रह जाता है इसका स्वाद?
गरमागरम फोड़णी का भात परोसते ही सरसों, जीरा, करी पत्ता और हरी मिर्च की खुशबू मन को आकर्षित करती है। चावल की नरमी, मूंगफली की कुरकुराहट, प्याज का हल्का मीठापन और नींबू की ताजगी एक साथ मिलकर इसका स्वाद खास बना देते हैं। इसे दही, छाछ, पापड़, अचार या ताजी सलाद के साथ परोसा जा सकता है। कम सामग्री, आसान विधि और घरेलू स्वाद का यही संतुलन फोड़णी के भात को एक ऐसा व्यंजन बनाता है, जो साधारण होते हुए भी खाने की मेज पर अपनी अलग पहचान बना लेता है।






