हर कोना चमकेगा, जानिए बाथरूम डीप क्लीनिंग का सही तरीका

संवाद 24 डेस्क। घर का बाथरूम वह जगह है, जहां सबसे ज्यादा नमी, गंदगी, बैक्टीरिया और बदबू जमा होती है। रोजाना इस्तेमाल होने के कारण यहां साबुन की परत, पानी के दाग, टॉयलेट की गंदगी, फफूंदी, बाल और धूल धीरे-धीरे जमा होकर न सिर्फ बाथरूम की सुंदरता बिगाड़ते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकते हैं। यही वजह है कि केवल रोजाना झाड़ू-पोंछा या हल्की सफाई काफी नहीं होती, बल्कि समय-समय पर डीप क्लीनिंग करना जरूरी हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार बाथरूम में लगातार बनी रहने वाली नमी फफूंदी, बैक्टीरिया और बदबू को बढ़ावा देती है। खराब वेंटिलेशन वाले बाथरूम में यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। खासकर भारत जैसे गर्म और उमस वाले मौसम में बाथरूम की सफाई को नजरअंदाज करना लंबे समय में दीवारों, टाइल्स और फिटिंग्स को नुकसान पहुंचा सकता है।

सफाई शुरू करने से पहले करें सही तैयारी
डीप क्लीनिंग शुरू करने से पहले बाथरूम को पूरी तरह खाली कर लेना चाहिए। बाल्टी, मग, टॉयलेटरीज़, बाथमैट, तौलिया, शेल्फ पर रखे सामान और कूड़ादान को बाहर निकाल दें। इससे हर कोने तक पहुंचना आसान हो जाता है।
इसके बाद खिड़की खोल दें या एग्जॉस्ट फैन चला दें ताकि सफाई के दौरान केमिकल की गंध बाहर निकलती रहे। विशेषज्ञ मानते हैं कि बाथरूम की सफाई के दौरान वेंटिलेशन सबसे जरूरी कदम है, क्योंकि बंद जगह में केमिकल और नमी दोनों स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं।

टाइल्स और फर्श की सफाई से करें शुरुआत
डीप क्लीनिंग हमेशा ऊपर से नीचे की तरफ करनी चाहिए। सबसे पहले दीवारों, टाइल्स और फर्श पर जमी धूल और सूखे कचरे को साफ करें। इसके बाद टाइल्स पर जमा साबुन की परत और पानी के निशान हटाने के लिए गुनगुने पानी में हल्का क्लीनर मिलाकर स्पंज से रगड़ें।
जहां टाइल्स पर सफेद दाग, जिद्दी पानी के निशान या चिपचिपी परत हो, वहां सिरका या साइट्रिक एसिड आधारित क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें कुछ मिनट तक छोड़ने के बाद ब्रश से रगड़ने पर दाग आसानी से निकल जाते हैं। हालांकि मार्बल या नेचुरल स्टोन वाली सतहों पर एसिड वाले क्लीनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे सतह खराब हो सकती है।

ग्राउट और कोनों में छिपी गंदगी पर दें खास ध्यान
टाइल्स के बीच की लाइनें यानी ग्राउट अक्सर सबसे ज्यादा गंदी हो जाती हैं। यहां नमी जमा रहती है और धीरे-धीरे काले दाग, फफूंदी और पीलेपन की समस्या दिखाई देने लगती है। इसे साफ करने के लिए बेकिंग सोडा और पानी का पेस्ट बनाकर ग्राउट पर लगाएं और 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद पुराने टूथब्रश या छोटे ब्रश से रगड़ें।
अगर ग्राउट पर फफूंदी ज्यादा हो गई हो, तो माइल्ड मोल्ड रिमूवर या हाइड्रोजन पेरॉक्साइड आधारित क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। कई सफाई विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्राउट को जोरदार धातु वाले ब्रश से नहीं रगड़ना चाहिए, क्योंकि इससे वह टूट सकता है और टाइल्स के बीच गैप बढ़ सकता है।

टॉयलेट सीट और कमोड की सफाई सबसे जरूरी
बाथरूम का सबसे संवेदनशील हिस्सा टॉयलेट सीट और कमोड होता है। डीप क्लीनिंग के दौरान सिर्फ कमोड के अंदर नहीं, बल्कि सीट के नीचे, ढक्कन, फ्लश बटन, पाइप, किनारों और बेस के आसपास भी सफाई करनी चाहिए।
कमोड क्लीनर को 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ने के बाद ब्रश से अच्छी तरह रगड़ें। सीट, फ्लश और हैंडल जैसी हाई-टच सतहों को डिसइंफेक्ट करना भी जरूरी है, क्योंकि यहां सबसे ज्यादा बैक्टीरिया जमा होते हैं। कई लोग केवल कमोड के अंदर की सफाई करते हैं, जबकि बाहर के हिस्से को नजरअंदाज कर देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती मानी जाती है।

शॉवर, नल और शॉवरहेड पर जमा लाइमस्केल ऐसे हटाएं
अगर आपके घर में हार्ड वॉटर आता है, तो बाथरूम के नल, शॉवर, शॉवरहेड और टाइल्स पर सफेद परत या दाग जमा हो सकते हैं। इसे लाइमस्केल कहा जाता है। यह देखने में खराब लगता है और धीरे-धीरे फिटिंग्स की चमक भी खत्म कर देता है।
लाइमस्केल हटाने के लिए सिरका बहुत असरदार माना जाता है। शॉवरहेड को सिरके में कुछ घंटों या पूरी रात के लिए भिगोकर रखा जा सकता है। इसके बाद ब्रश से साफ करने पर जमी हुई परत हट जाती है। नमक और सिरके का मिश्रण भी जिद्दी लाइमस्केल हटाने में मददगार माना जाता है। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि अलग-अलग केमिकल्स को कभी मिलाकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

शीशा और ग्लास पार्टिशन को चमकाने का आसान तरीका
बाथरूम के शीशे और ग्लास शॉवर पार्टिशन पर पानी के छींटों और साबुन की परत के कारण धुंधलापन आ जाता है। इसे साफ करने के लिए सिरका और पानी का मिश्रण इस्तेमाल किया जा सकता है। स्प्रे करने के बाद माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करने पर शीशा चमकने लगता है।
ग्लास को साफ करने के बाद स्क्वीजी से ऊपर से नीचे की तरफ पानी हटाना चाहिए। इससे दोबारा दाग नहीं पड़ते। विशेषज्ञों का मानना है कि हर नहाने के बाद ग्लास पार्टिशन को पोंछने की आदत बना ली जाए, तो गहरी सफाई की जरूरत कम पड़ती है।

अक्सर नजरअंदाज होने वाली जगहों को न भूलें
डीप क्लीनिंग के दौरान केवल फर्श, कमोड और नल साफ करना काफी नहीं है। कई ऐसी जगहें होती हैं, जिन्हें लोग अक्सर भूल जाते हैं। इनमें ड्रेन, एग्जॉस्ट फैन, स्विच बोर्ड, डोर हैंडल, डस्टबिन, टॉयलेट के पीछे का हिस्सा, शॉवर कर्टन, तौलिया स्टैंड और खिड़की के कोने शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार ड्रेन में बाल, साबुन और गंदगी जमा होने से बदबू और कीटाणु पैदा हो सकते हैं। वहीं एग्जॉस्ट फैन में जमा धूल वेंटिलेशन कम कर देती है, जिससे नमी और फफूंदी बढ़ती है।

फफूंदी और बदबू से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें
बाथरूम की डीप क्लीनिंग तभी असरदार होती है, जब बाद में उसकी देखभाल भी सही तरीके से की जाए। हर बार नहाने के बाद बाथरूम की खिड़की खोलना, एग्जॉस्ट फैन चलाना, गीले फर्श को सुखाना और तौलियों को खुली जगह पर सुखाना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार नहाने के बाद कम से कम 20 से 30 मिनट तक एग्जॉस्ट फैन चलाना चाहिए। इसके अलावा शॉवर एरिया, टाइल्स और ग्लास को रोजाना हल्के से पोंछने की आदत बना लेने से फफूंदी और साबुन की परत जल्दी नहीं जमती।

कौन सी गलतियां बाथरूम को जल्दी गंदा बना देती हैं?
कई लोग सफाई के दौरान जरूरत से ज्यादा केमिकल इस्तेमाल करते हैं, जिससे टाइल्स और फिटिंग्स खराब हो सकती हैं। कुछ लोग हर सतह पर एक ही क्लीनर इस्तेमाल कर लेते हैं, जबकि अलग-अलग सतहों के लिए अलग क्लीनर जरूरी होता है।
ग्राउट को बहुत तेज ब्रश से रगड़ना, गीले तौलिए लंबे समय तक बाथरूम में छोड़ना, वेंटिलेशन न रखना और अलग-अलग केमिकल्स को मिलाना भी बड़ी गलतियों में शामिल है। इससे बदबू, फफूंदी और स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं।

कब लेनी चाहिए प्रोफेशनल मदद?
अगर बाथरूम में फफूंदी बार-बार वापस आ रही हो, टाइल्स के बीच काले दाग बहुत ज्यादा हों, ड्रेन से लगातार बदबू आ रही हो, या दीवारों में सीलन और पानी का रिसाव दिख रहा हो, तो प्रोफेशनल सफाई की जरूरत पड़ सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि कई बार नमी दीवारों के पीछे या पाइपलाइन के आसपास छिपी होती है, जिसे सामान्य सफाई से हटाना संभव नहीं होता। ऐसे मामलों में केवल ऊपर से सफाई करने के बजाय समस्या की जड़ तक पहुंचना जरूरी होता है।

बाथरूम की डीप क्लीनिंग केवल घर की सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। थोड़ी सी योजना, सही क्लीनर और नियमित आदतों से बाथरूम को लंबे समय तक साफ, चमकदार और बदबू रहित रखा जा सकता है।
अगर हर सप्ताह हल्की सफाई और महीने में एक बार डीप क्लीनिंग की जाए, तो न सिर्फ टाइल्स और फिटिंग्स की उम्र बढ़ती है, बल्कि बाथरूम हमेशा नया और ताजा नजर आता है।

Geeta Singh
Geeta Singh

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