नौकरी से निवेश तक यूपी का बदलेगा चेहरा, 2026 में योगी सरकार की 10 बड़ी सौगातें
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लिए वर्ष 2026 विकास, निवेश और अवसरों का नया अध्याय लेकर आ रहा है। योगी सरकार की योजनाओं और नीतियों के चलते प्रदेश का चेहरा और तेज़ी से बदलने वाला है। सरकारी नौकरियों से लेकर मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, वैश्विक निवेश, स्वास्थ्य सुविधाएं और साइबर सुरक्षा तक, नए साल में यूपी को 10 बड़ी सौगातें मिलने जा रही हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ आम जनता के जीवन को भी अधिक सुविधाजनक बनाएंगी।
प्रदेश के युवाओं के लिए वर्ष 2026 रोजगार के लिहाज से बेहद अहम रहेगा। पुलिस विभाग में 30 हजार आरक्षी और 5 हजार सब इंस्पेक्टरों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों में 15 हजार पदों पर भर्तियां होंगी। शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक करीब 50 हजार पद भरे जाएंगे। राजस्व विभाग में 20 हजार और कारागार, आवास विकास, बाल विकास पुष्टाहार, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में लगभग 30 हजार पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। कुल मिलाकर डेढ़ लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का रास्ता खुलेगा।
दिल्ली से सटे जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वर्ष 2026 में देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाएगा। 3300 एकड़ में करीब 7000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट की शुरुआत एक रनवे से होगी, जबकि भविष्य में यहां पांच रनवे संचालित होंगे। इसकी वार्षिक यात्री क्षमता एक करोड़ होगी और प्रतिदिन औसतन 150 उड़ानें संचालित की जा सकेंगी।
राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने वाला गंगा एक्सप्रेसवे भी वर्ष 2026 में शुरू होने जा रहा है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा और 12 जिलों तथा 518 गांवों से होकर गुजरेगा। 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे से यात्रा समय कम होगा और औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा।
निवेश को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार वर्ष 2026 की शुरुआत में पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह का आयोजन करेगी। इसके जरिए 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी है। अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार और नौकरी मिली है।
प्रदेश में निवेश को और गति देने के लिए 2026 में एक और वैश्विक निवेशक सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी है। वर्ष 2023 के निवेश सम्मेलन में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे। सरकार को उम्मीद है कि आगामी सम्मेलन इससे भी अधिक सफल और भव्य होगा। इसके लिए औद्योगिक विकास विभाग और इन्वेस्ट यूपी ने रणनीति तैयार कर ली है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल और तेज बनाने के लिए निवेश मित्र 3.0 को 2026 में लॉन्च किया जाएगा। ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के इस नए संस्करण में कई तकनीकी और प्रशासनिक नवाचार जोड़े जाएंगे, ताकि निवेशकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश के आयुष अस्पतालों में 53 प्रकार की सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी। इससे एलोपैथिक अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा और आम लोगों को छोटी सर्जरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दवाओं की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार सख्त नियम लागू करने जा रही है। कोडीनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए थोक दवा प्रतिष्ठानों की जियो टैगिंग, भंडारण क्षमता की निगरानी और खरीद-बिक्री का फोटो व वीडियो रिकॉर्ड अनिवार्य किया जाएगा।
साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए कॉल सेंटर की क्षमता दोगुनी की जाएगी। डायल 112 और लखनऊ डीसीपी साउथ कार्यालय स्थित कॉल सेंटर में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा, जिससे शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
वर्ष 2026 में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य भी पूरा होने जा रहा है। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर करीब 4700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके शुरू होने के बाद लखनऊ एयरपोर्ट से कानपुर की दूरी तीन घंटे के बजाय महज 40 मिनट में तय की जा सकेगी।
कुल मिलाकर वर्ष 2026 उत्तर प्रदेश के लिए विकास, निवेश और अवसरों का सुनहरा साल बनने जा रहा है, जहां योगी सरकार की योजनाएं प्रदेश को नई पहचान और नई रफ्तार देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।






