कानपुर: जुए की हार से उपजी मारपीट, चार महीने बाद आत्महत्या दुष्प्रेरण का मुकदमा दर्ज
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संवाद 24 संवाददाता। जुआ खेलते समय हार जाने और कर्ज न चुकाने पर मारपीट का शिकार होने से आहत एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी। चार महीने बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गांव के दो युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला मंगलपुर थाना क्षेत्र के आराजी बिछियापुर गांव का है, जहां न्याय की लड़ाई लड़ रही एक विधवा महिला को आखिरकार राहत मिली है।
पीड़िता सोनी देवी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में विस्तार से घटना का जिक्र किया। उनके अनुसार, उनके पति राजेश ने गांव के ही संदीप और विवेक के साथ जुआ खेला था। खेल में राजेश हार गए, जिसके बाद संदीप और विवेक ने उनका मोबाइल फोन और सोने की चेन गिरवी रख ली। 29 अगस्त को दोनों आरोपी राजेश को घर से “घूमने” के बहाने ले गए। जब राजेश ने मना किया तो उन्हें जबरन अपने साथ ले जाया गया।
पूरे दिन राजेश घर नहीं लौटे। सोनी देवी ने खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला।
अगली सुबह गांव वालों ने सूचना दी कि राजेश का शव गांव के बाहर एक नीम के पेड़ पर लटका मिला। ग्रामीणों ने शव को नीचे उतारा और दाह-संस्कार भी करवा दिया। बाद में गांव के ही विनोद ने सोनी देवी को बताया कि राजेश का मोबाइल संदीप और विवेक के पास है तथा उन्होंने ही राजेश की पिटाई की थी। जब सोनी देवी ने आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने मोबाइल होने की बात कबूल कर ली।
सोनी देवी का आरोप है कि संदीप और विवेक द्वारा की गई मारपीट और अपमान से तंग आकर राजेश ने आत्महत्या की। इतना ही नहीं, मारपीट की बात उजागर करने पर विनोद के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की, जिसकी अलग से प्राथमिकी दर्ज है।
मामला थाने में सीधे दर्ज न होने पर सोनी देवी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने पीड़िता की गुहार सुनते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। मंगलपुर पुलिस ने अब भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) के तहत संदीप और विवेक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच चल रही है और जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।






