शीतलहर पर सख्ती : प्रदेश में कोई खुले में न सोए, जरूरतमंदों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के निर्देश
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संवाद 24 लखनऊ। प्रदेश में शीतलहर के मद्देनज़र सरकार ने राहत और बचाव इंतजामों को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में कोई भी व्यक्ति खुले में सोता हुआ नहीं पाया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों और प्रमुख चौराहों पर अलाव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जरूरतमंदों को समय पर कंबल वितरित किए जाएं, ताकि ठंड से जनहानि की कोई घटना न हो।
उन्होंने अधिकारियों को रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर सो रहे लोगों को तत्काल आश्रय गृहों तक पहुंचाया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के संकेत भी दिए गए हैं।
शीतलहर और कोहरे को देखते हुए ‘सचेत’ ऐप और पोर्टल के माध्यम से लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। कोहरे से संबंधित चेतावनियां यूपीडा, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, उपशा के साथ-साथ संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और जिला पुलिस को ई-मेल के जरिए भेजी जा रही हैं, ताकि सड़क और यातायात सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के दौरान राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाना प्राथमिकता होगी।






