घना कोहरा बना आफत: यूपी में अगले तीन दिन सतर्कता जरूरी, राहत आयुक्त ने जारी किए निर्देश
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संवाद 24। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और घने कोहरे के साथ शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। राज्य के राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर याशोद ने नागरिकों से अपील की है कि आने वाले दो से तीन दिनों तक अत्यधिक कोहरे की संभावना को देखते हुए केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।
राहत आयुक्त ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों, पुलिस कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कोहरे और शीतलहर से आमजन की सुरक्षा तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से हाईवे और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और पूर्वानुमानों की जानकारी समय रहते जनता तक पहुंचाई जाए, ताकि लोग सतर्क रह सकें। इसके साथ ही शीतलहर से प्रभावित गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए रैन बसेरों में पर्याप्त व्यवस्था, कंबल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा इन व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, ऊपरी क्षोभमंडल में उत्तर भारत से गुजर रही उष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है। पूर्वांचल के अधिकांश जिले, खासकर काशी क्षेत्र, बीते तीन दिनों से कोहरे की चपेट में हैं।
घने कोहरे के चलते दिन के अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। बनारस में तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बन गया। हालात ऐसे रहे कि बनारस का तापमान शिमला, शिलांग और मनाली जैसे पहाड़ी शहरों से भी कम दर्ज किया गया और यह देश के दस सबसे ठंडे शहरों में शामिल हो गया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम को देखते हुए सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।






