योगी बोले—सुबह उठा तो 20 से अधिक मौतों की खबर मिली: मथुरा हादसे पर CM भावुक, अफसरों को दिए सख्त निर्देश
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मथुरा में हुए भीषण सड़क हादसे को लेकर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा,
“आज सुबह करीब चार बजे नींद से उठा तो पता चला कि मथुरा में घने कोहरे के कारण आठ बसें आपस में टकरा गईं और 20 से अधिक लोगों की जान चली गई। यह बेहद दुखद है।”
मुख्यमंत्री ने बीते तीन–चार दिनों में कोहरे के कारण प्रदेश में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर गश्त बढ़ाई जाए और दुर्घटनाएं रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।
मंगलवार को मथुरा में 13, उन्नाव–बस्ती में 4–4 और बागपत व झांसी में 2–2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

अधिकारियों को CM के सख्त निर्देश
योगी आदित्यनाथ योजना भवन में सीएम डैशबोर्ड और कुछ विभागों के बजट खर्च की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा—
- एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर कोहरे के समय विशेष पेट्रोलिंग की जाए।
- घने कोहरे में वाहन चलाने से ड्राइवरों को रोका जाए और सुरक्षित स्थान पर वाहन खड़ा करवाया जाए।
- प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी और निगरानी कैमरे लगाए जाएं।
- दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत के लिए एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
परिवहन मंत्री पर हल्की चुटकी
बैठक में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी मौजूद थे। उन्हें देखते हुए मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा,
“परिवहन मंत्री तो यूपी में कम और बिहार में ज्यादा रहते हैं।”
इस पर दयाशंकर सिंह ने हाथ जोड़कर प्रतिक्रिया दी, जिससे बैठक का माहौल कुछ हल्का हुआ।
अन्य अहम निर्देश
- यूपी में बनी बसें खरीदी जाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जब उत्तर प्रदेश में ही बसों का निर्माण हो रहा है, तो यूपी रोडवेज को प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश में बनी बसें ही खरीदनी चाहिए। इस पर परिवहन मंत्री ने बताया कि भविष्य में कम से कम 50% बसें यूपी में निर्मित ही खरीदी जाएंगी।
- प्रधानमंत्री आवास योजना: सीएम ने नाराजगी जताई कि योजना का स्वीकृत बजट अभी तक खर्च नहीं हो पाया है। अधिकारियों ने बताया कि लाभार्थियों का चयन पूरा हो चुका है और जल्द ही पहली किस्त जारी होगी।
- पीपीपी मोड पर मल्टीलेवल पार्किंग: मुख्यमंत्री ने शहरों में पीपीपी मॉडल पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाने के निर्देश दिए। सरकार जमीन देगी और ठेकेदार निर्माण करेगा, साथ ही कुछ फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी।
- स्मार्ट क्लास का बजट: परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास के लिए मिले 300 करोड़ रुपए के बजट के उपयोग में देरी पर नाराजगी जताई और जल्द काम शुरू करने को कहा।

मथुरा में क्या हुआ था?
मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 के पास घने कोहरे के कारण आठ बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर के बाद कई वाहनों में आग लग गई, जिससे 13 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। करीब 70 लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है, क्योंकि बसों के भीतर से कटे हुए अंग मिले हैं।
पुलिस ने शवों के अवशेष 17 पॉलीथिन बैग में इकट्ठा किए हैं और डीएनए टेस्ट के जरिए पहचान की प्रक्रिया की जाएगी। हादसे के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF के करीब 50 जवानों ने 6 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। एक्सप्रेस-वे पर लगभग 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था।
इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच का नेतृत्व एडीएम प्रशासन अमरेश करेंगे, जिनके साथ दो अन्य अधिकारियों को भी जांच समिति में शामिल किया गया है।






