अवैध होर्डिंग पर सख्ती: अब जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय
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संवाद 24 संवाददाता। शहर की सुंदरता बिगाड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब यदि किसी क्षेत्र में अवैध होर्डिंग पाया गया तो उस क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक की जवाबदेही तय करते हुए उनका वेतन रोका जाएगा। यह निर्णय अवैध होर्डिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
दरअसल, अवैध होर्डिंग न केवल शहर के सौंदर्य को खराब करते हैं, बल्कि निगम को मिलने वाले विज्ञापन शुल्क और कर की भी चोरी कराते हैं। अमर उजाला के अभियान के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है और तय किया है कि अब इस लापरवाही की कीमत सीधे जिम्मेदार अधिकारियों को चुकानी होगी।
सोमवार को नगर निगम की टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष अभियान चलाया। यमुना किनारा, सिकंदरा, बोदला, फतेहाबाद रोड और एमजी रोड जैसे प्रमुख और व्यस्त इलाकों से दर्जनों अवैध होर्डिंग हटवाए गए। जांच में पाया गया कि कई होर्डिंग बिना किसी अनुमति के या तय मानकों के विपरीत लगाए गए थे, जो सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बने हुए थे।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि इसे नियमित और निरंतर अभियान के रूप में चलाया जाएगा। नगर निगम अब हर क्षेत्र में अवैध होर्डिंग पर कड़ी नजर रखेगा। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां न केवल होर्डिंग हटाए जाएंगे, बल्कि संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के इस फैसले से साफ संदेश गया है कि अब अवैध होर्डिंग को संरक्षण देने या अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस सख्ती से न केवल शहर की खूबसूरती निखरेगी, बल्कि सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।






