अचानक बढ़े बिजली बिल से हज़ारों उपभोक्ता परेशान, ऑनलाइन भुगतान और OTS पर संकट
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संवाद 24, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के करीब 28 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल तकनीकी कारणों से ऑटोमैटिक रूप से “होल्ड” कर दिए गए हैं। इसके चलते न तो उपभोक्ता अपना बिल ऑनलाइन देख पा रहे हैं और न ही पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए भुगतान कर पा रहे हैं।
यह समस्या लखनऊ सेंट्रल, अमौसी, जानकीपुरम, गोमती नगर सहित मध्यांचल निगम के सभी जोन में सामने आई है। निगम के तकनीकी सिस्टम ने उन उपभोक्ताओं के बिल होल्ड कर दिए हैं, जिनके वर्तमान बिल की राशि पिछले महीनों की तुलना में अचानक काफी अधिक पाई गई। सिस्टम ने इसे असामान्य वृद्धि मानते हुए स्वतः बिल होल्ड कर दिया।
ऑनलाइन बिल न खुल पाने के कारण उपभोक्ताओं पर बकाया बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हो रही है, जो एकमुश्त समाधान योजना (OTS) का लाभ लेना चाहते हैं। बिल होल्ड होने की वजह से वे OTS में रजिस्ट्रेशन भी नहीं करा पा रहे हैं।
डालीबाग निवासी जफर नवी (खाता संख्या 6800170000) और जैतीखेड़ा निवासी नन्हा (खाता संख्या 7184838000) जैसे कई उपभोक्ताओं के बिल भी इसी तरह होल्ड कर दिए गए हैं। जब उन्होंने संबंधित उपकेंद्र पर जानकारी ली तो कर्मचारियों ने बताया कि यह पूरी तरह से सिस्टम जनरेटेड समस्या है।
उत्तर प्रदेश अपना व्यापार मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारी अजय यादव ने बताया कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण परेशान हैं। बिल होल्ड होने से न केवल भुगतान अटक गया है, बल्कि OTS योजना का लाभ लेने का मौका भी हाथ से निकल सकता है।
परेशान उपभोक्ता लगातार निगम के टोल-फ्री नंबर 1912, स्थानीय हेल्प डेस्क और अधिशासी अभियंता कार्यालयों में शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार ने बताया कि करीब 28 हजार उपभोक्ताओं के बिल ऑटोमैटिक होल्ड हुए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बिलों की जांच कर जल्द से जल्द उन्हें दुरुस्त किया जाए। साथ ही, बिल ठीक होने के बाद उपभोक्ताओं को मैसेज भेजा जाएगा, ताकि वे समय पर भुगतान कर सकें और किसी भी प्रकार की पेनल्टी से बच सकें।






