यूपी BJP अध्यक्ष के लिए पंकज चौधरी का नाम लगभग तय: 7 बार सांसद, केंद्रीय मंत्री, OBC चेहरे पर दांव
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संवाद 24, लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और सात बार के सांसद पंकज चौधरी का नाम लगभग फाइनल माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शीर्ष नेतृत्व ने नाम पर सहमति बना ली है और अब केवल औपचारिक घोषणा बाकी है। पंकज चौधरी महाराजगंज लोकसभा सीट से सांसद हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर क्षेत्र से सटी हुई है।
पंकज चौधरी OBC वर्ग के कुर्मी समुदाय से आते हैं और वर्ष 2021 से मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी नजदीकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि वर्ष 2023 में गोरखपुर दौरे के दौरान पीएम मोदी अचानक उनके आवास पहुंच गए थे। भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नया प्रदेश अध्यक्ष पिछड़े वर्ग से ही बनाया जाएगा, ताकि आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संतुलन साधा जा सके।
शनिवार को नामांकन, चुनाव को मेगा इवेंट बनाने की तैयारी
पंकज चौधरी शनिवार सुबह 11 बजे लखनऊ पहुंचेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को भाजपा बड़े राजनीतिक आयोजन के रूप में कर रही है। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया है। शनिवार को नामांकन प्रक्रिया की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दी गई है, जबकि 14 दिसंबर को होने वाले चुनाव कार्यक्रम की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को सौंपी गई है।
प्रदेश अध्यक्ष का नामांकन पार्टी मुख्यालय में होगा, जबकि चुनाव प्रक्रिया लखनऊ स्थित लोहिया विधि विश्वविद्यालय में संपन्न कराई जाएगी। इसमें करीब दो हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। पार्टी ने सभी विधायकों, सांसदों, प्रांतीय परिषद सदस्यों, जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और प्रदेश व क्षेत्रीय पदाधिकारियों को आमंत्रित किया है।
कुर्मी समाज पर भाजपा का रणनीतिक फोकस
पंकज चौधरी को अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में वे यूपी भाजपा के चौथे कुर्मी जाति के प्रदेश अध्यक्ष होंगे। इससे पहले विनय कटियार, स्वतंत्र देव सिंह और ओम प्रकाश सिंह इस जिम्मेदारी को निभा चुके हैं। कुर्मी समाज की आबादी यादवों के बाद सबसे अधिक मानी जाती है और भाजपा इसे अपना मजबूत वोट बैंक मानती है। हालांकि, लोकसभा चुनाव में इस समाज का एक हिस्सा PDA के नाम पर समाजवादी पार्टी की ओर झुका था, जिसे साधने के लिए भाजपा संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेना चाहती है।
पंकज चौधरी ने पार्षद के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। वे गोरखपुर के डिप्टी मेयर रह चुके हैं और 1991 में पहली बार सांसद बने थे। पार्टी में उन्हें एक मजबूत संगठनकर्ता और रणनीतिक नेता के रूप में देखा जाता है।
दो अन्य नाम भी चर्चा में
हालांकि पंकज चौधरी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है, लेकिन पार्टी के भीतर दो अन्य नामों पर भी चर्चा जारी है। इनमें केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति शामिल हैं। बीएल वर्मा को लोधी समाज में नई नेतृत्व क्षमता विकसित करने के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि साध्वी निरंजन ज्योति के जरिए महिला वोट बैंक, पिछड़ा वर्ग और निषाद समाज को साधने की रणनीति मानी जा रही है।
इसके अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री धर्मपाल सिंह और राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के नाम भी अटकलों में हैं, जबकि ब्राह्मण वर्ग से डॉ. दिनेश शर्मा और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के नामों की चर्चा अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही है।
निर्विरोध चुनाव की संभावना
प्रदेश चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडे के अनुसार, यदि मतदान की आवश्यकता पड़ी तो 84 संगठनात्मक जिलों से 380 से अधिक प्रांतीय परिषद सदस्य मतदान करेंगे। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनाव निर्विरोध होगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल परिषद की बैठक में नाम का प्रस्ताव रखेंगे, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या कोई वरिष्ठ नेता समर्थन करेगा और इसके बाद औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
मंत्रिमंडल विस्तार के भी संकेत
प्रदेश अध्यक्ष के चयन के बाद योगी सरकार 2.0 में दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार की भी संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में योगी कैबिनेट में 60 में से 54 मंत्री हैं और 6 पद रिक्त हैं। सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए दलित और पिछड़े वर्ग को सरकार में और प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को भी दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में भाजपा संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधते हुए आगामी चुनावों के लिए मजबूत राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है।






