अमरोहा के छह हत्याकांड की गूँज के बीच प्रयागराज में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई
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PDA के कनिष्ठ सहायक को 8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, कर्मचारियों ने छुड़ाने की कोशिश की**
संवाद 24, अमरोहा / प्रयागराज अमरोहा के बावनखेड़ी गांव में 2008 में हुए छह-सदस्यीय सामूहिक हत्याकांड की यादें आज भी लोगों को सिहराती हैं। उस घटना में एक ही परिवार के छह लोगों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। रात लगभग दो बजे ग्रामीणों ने शोर सुनकर घर में प्रवेश किया और अलग-अलग कमरों में शव मिले थे। जांच में पुलिस को प्रेम संबंध और पारिवारिक विरोध जैसे कारणों के चलते साजिश का एंगल मिला था। यह मामला बाद में फास्ट ट्रैक कोर्ट को भेजा गया।
इसी बीच प्रयागराज में मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के एक कनिष्ठ सहायक को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कैसे सामने आया मामला?
प्रयागराज के शांतिपुरम निवासी प्राणेश पांडेय का नाम पांच वर्ष पहले PDA की लॉटरी में आया था और उन्हें एक प्लॉट आवंटित हुआ था। लॉकडाउन में नौकरी जाने के कारण रजिस्ट्री कराने के लिए वे पैसे नहीं जुटा पाए।
अपनी फाइल आगे बढ़ाने के प्रयास में PDA दफ्तर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात कनिष्ठ सहायक अजय कुमार से हुई। आरोप है कि काम कराने के नाम पर उसने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। परेशान होकर प्राणेश ने अखबार में छपे नंबर के जरिए एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन से शिकायत की।
प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए और फिर ट्रैप की योजना बनाई गई।
एंटी करप्शन टीम की योजना सफल
मंगलवार दोपहर प्राणेश निर्धारित रकम लेकर अधिकारी के पास पहुंचे। बातचीत के दौरान अजय कुमार ने पहले 10 हजार रुपए मांगे, लेकिन शिकायतकर्ता ने 8 हजार रुपए देने की बात कही। जैसे ही अजय ने रकम स्वीकार की, आसपास तैनात एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
कर्मचारियों ने घेरकर टीम पर किया हमला
आरोपी को बाहर ले जाते समय PDA के अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तारी की जानकारी हुई। इसके विरोध में उन्होंने टीम को घेर लिया और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की। इस दौरान हाथापाई भी हुई। इसके बावजूद टीम आरोपी को लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंची, जहां उससे पूछताछ और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
सीसीटीवी खंगाले जा रहे, हमलावरों की पहचान होगी
सिविल लाइंस पुलिस ने PDA भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि पता चले कि एंटी करप्शन टीम पर हमला किन कर्मचारियों ने किया। पुलिस ने कहा कि फुटेज के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
एंटी करप्शन की कार्रवाई जारी
अधिकारियों के अनुसार कनिष्ठ सहायक अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और उसे जेल भेजने की तैयारी है।






