आस्था, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक है राम मंदिर
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संवाद 24 अयोध्या।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ध्वजारोहण को नए युग का शुभारंभ बताया। उन्होंने कहा कि यह अवसर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक है। सीएम ने कहा कि मंदिर निर्माण की पूर्णता के साथ धर्म, मर्यादा, सत्य-न्याय और राष्ट्रधर्म की स्थापना साकार होती है।
योगी ने कहा कि राम मंदिर केवल आस्था का नहीं, बल्कि जीवन के आदर्शों का प्रतीक है। रामराज्य की परिकल्पना में मानव कल्याण सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि यह ध्वजा उस शक्ति का परिचायक है जो समाज को सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 वर्षों में बदला हुआ भारत आज विश्व में एक नई पहचान बना रहा है। संघर्षों के बावजूद भी आस्था अडिग रही, न झुकी न टूटी। यही राम के आदर्शों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण कोई अंत नहीं, बल्कि नए युग की शुरुआत है।
योगी ने बताया कि आज का दिन उन सभी ऋषियों, संतों और रामभक्तों को समर्पित है, जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम समरसता और सद्भाव के प्रतीक हैं तथा इसी भाव से विश्व में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।






