शाहीन और आरिफ के संपर्कों की तह में तेजी: जांच के घेरे में 400 से अधिक डॉक्टर, लगभग 100 पर नेटवर्क से जुड़ने की आशंका
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कानपुर/प्रयागराज/दिल्ली — राजधानी में हुए हालिया घटनाक्रम के बाद शाहीन और आरिफ के संभावित सघन संपर्कों की तलाश तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियों ने अब तक 400 से अधिक चिकित्सकों (डॉक्टरों) की तफ्तीश शुरू कर दी है और प्रारम्भिक औपचारिक विश्लेषण में लगभग 100 डॉक्टरों के देशव्यापी किसी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्य निष्कर्ष और कार्रवाई
- जांच टीमों ने कई मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों से शाहीन और आरिफ के समकालीन तैनाती विवरण, स्टाफ लिस्ट, रेजिडेंट-फैकल्टी सूचियाँ और संपर्क विवरण मांगें हैं। इनमें फैकल्टी, सीनियर-जूनियर डॉक्टर, इंटर्न और अन्य स्टाफ शामिल हैं।
- कानपुर और प्रयागराज सहित कई स्थानों पर संबंधित अस्पतालों व कॉलेजों के प्रशासन को ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मांग किए गए दस्तावेजों में नियुक्ति-रिकॉर्ड, ड्यूटी-रोज़, संपर्क नंबर, पता और सेवा इतिहास शामिल हैं।
- जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं अस्पताल परिसर या तैनाती से जुड़े माध्यमों के जरिए किसी तरह का असामान्य संपर्क या संसाधन उपलब्ध कराया गया तो नहीं गया। एजेंसियाँ मोबाइल कॉल-डेटा, बैंक लेन-देन और यात्रा-रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं।
- प्रयागराज में शाहीन के सहयोगियों के सम्बन्ध और उनकी गतिविधियों की विशेष रूप से जाँच हो रही है; वहीं दिल्ली समेत अन्य शहरों में भी संबंधित सूचनाओं पर छापेमारी और पूछताछ जारी है।
- जांच में शामिल एजेंसियों ने कहा है कि यह एक बहु-आयामी और समय-सापेक्ष जाँच है, जिसमें स्थानीय पुलिस, विशेष जांच अधिकारी और केंद्रीय जांच संस्थान स्तर पर तालमेल बनाया जा रहा है। आवश्यकताअनुसार और भी ब्योरे एवं रिकॉर्ड तलब किए जाएंगे।
जांच का दायरा और आगे की प्रक्रिया
जांच टीमें फिलहाल प्राप्त सबूतों का नियमानुसार परीक्षण कर रही हैं ताकि संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। यदि किसी भी डॉक्टर या अन्य कर्मी के समुचित जवाब न मिलने या संदिग्ध गतिविधि उजागर होने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान सबूतों की वैधानिक मान्यता व स्वतंत्र परीक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जाँच से जुड़े अधिकारियों ने कहा है कि सटीक निष्कर्षों के बाद ही किसी भी आगे की कार्रवाई या सार्वजनिक घोषणा की जाएगी ताकि प्रक्रिया न्यायिक एवं जांच-प्रणाली के अनुकूल रहे।






