कॉमर्शियल वाहन चालकों की मनमानी पर अब ‘डिजिटल पहरा’, ट्रैकिंग सिस्टम से हर चाल पर नज़र
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संवाद 24 (लखनऊ)। राज्य सरकार अब सड़कों पर चल रहे कॉमर्शियल वाहनों की मनमानी और अव्यवस्था पर अंकुश लगाने की तैयारी में है। परिवहन विभाग ने इसके लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जल्द ही सभी व्यावसायिक वाहनों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। यह डिवाइस वाहन की रियल टाइम लोकेशन ट्रैक करेगा, जिससे सड़क सुरक्षा, वाहन निगरानी और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
बिना ट्रैकिंग डिवाइस नहीं मिलेगा परमिट – परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब किसी भी कॉमर्शियल वाहन को फिटनेस या परमिट तभी मिलेगा जब उसमें यह ट्रैकिंग डिवाइस लगा होगा। बिना डिवाइस के कोई वाहन सड़क पर नहीं चल सकेगा।विभाग का कहना है कि कई वाहन पुराने हैं, जिनकी फिटनेस पूरी नहीं है, लेकिन वे अब भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ट्रैकिंग डिवाइस लगने के बाद ऐसे वाहनों की पहचान तुरंत हो सकेगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एक सप्ताह में लागू हो सकता है नियम – परिवहन विभाग ने बताया कि इस डिवाइस की कार्यप्रणाली को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्रस्ताव को शासन से अनुमोदन मिल गया है, और उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी।शुरुआत में इस सिस्टम को मुख्यालय स्थित कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जहां से प्रत्येक वाहन की गतिविधि को रियल टाइम मॉनिटर किया जाएगा।
सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम – अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से सड़क हादसों और नियमों के उल्लंघन में कमी आएगी। ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से न केवल वाहन की गति और मार्ग की निगरानी होगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता भेजना भी आसान होगा।विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल्द ही सभी कॉमर्शियल वाहनों में यह तकनीक अनिवार्य कर दी जाएगी।”
संक्षेप में – 1. सभी कॉमर्शियल वाहनों में लगेगा वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD)
2. बिना डिवाइस फिटनेस और परमिट नहीं मिलेगा
3. एक सप्ताह में सिस्टम लागू होने की संभावना
4. कंट्रोल सेंटर से जुड़े रहेंगे सभी वाहन
5. सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता में आएगा सुधार।






