
संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सर्दी का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है और दिन के समय तापमान बढ़ने लगा है, लेकिन मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना जताई है। 18 और 19 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगरा, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, झांसी, ललितपुर, बांदा और आसपास के जिलों में हल्की वर्षा हो सकती है। मंगलवार को 31.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जबकि हमीरपुर और प्रयागराज में भी तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, जबकि न्यूनतम तापमान में पहले 1-2 डिग्री की बढ़ोतरी और उसके बाद धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम में इस उतार-चढ़ाव के कारण सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रहेगी, जबकि दोपहर में धूप तेज महसूस होगी।
मौसम विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवा के साथ बारिश होने पर गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों के गिरने की आशंका है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। किसानों को कटी हुई फसलों को खुले में न रखने और मौसम पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में इस बार सर्दी सामान्य से कम रही, जिसका कारण पश्चिमी विक्षोभ की कम सक्रियता और वैश्विक मौसमीय परिस्थितियां मानी जा रही हैं। अब फरवरी के अंत तक तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च के पहले सप्ताह से गर्मी का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेगा और मार्च के अंत तक कई जिलों में तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं मई-जून में प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना जताई गई है, जिससे हीट वेव के दिनों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते वैश्विक तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाले वर्षों में मौसम का उतार-चढ़ाव और अधिक स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है, जिसका प्रभाव खेती, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर भी पड़ेगा।






