रामपुर पंचायत का फैसला बना चर्चा का विषय, दो पत्नियों में बंटा पति
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संवाद 24, रामपुर। पंचायत व्यवस्था के एक हैरान करने वाले फैसले का मामला सामने आया है। अजीमनगर थाना क्षेत्र के नगलिया आकिल गांव में दो पत्नियों के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद को सुलझाने के नाम पर गांव की पंचायत ने पति को ही ‘साझा’ घोषित कर दिया। पंचायत के इस फैसले ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि महिला अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी को भी उजागर किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के एक युवक की दो पत्नियों के बीच लंबे समय से पति को लेकर विवाद चल रहा था। आपसी कहासुनी और झगड़ा इस हद तक बढ़ गया कि कई बार मारपीट की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। मामले को पुलिस या न्यायालय तक ले जाने के बजाय गांव के लोगों ने पंचायत बुलाकर समाधान निकालने का निर्णय लिया।
करीब दो घंटे तक चली पंचायत में तथाकथित सम्मानित ग्रामीणों ने फैसला सुनाया कि युवक सप्ताह में तीन दिन एक पत्नी के साथ, तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा, जबकि एक दिन वह अपनी इच्छा से कहीं भी रह सकता है। पंचायत के इस निर्णय में न तो किसी कानूनी प्रावधान पर चर्चा की गई और न ही घरेलू हिंसा या महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को महत्व दिया गया।
पंचायत के इस आदेश के बाद फिलहाल दोनों पत्नियों के बीच विवाद शांत हो गया है और गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। हालांकि, इस फैसले को लेकर न तो किसी तरह का औपचारिक विरोध दर्ज हुआ और न ही प्रशासन की ओर से तत्काल कोई हस्तक्षेप सामने आया।
समाज के जानकारों का कहना है कि इस तरह के फैसले न केवल गैर-कानूनी हैं, बल्कि इंसानी रिश्तों को भी मजाक बनाकर रख देते हैं। पंचायत द्वारा पति को समय-सारिणी में बांटना सामाजिक सोच और न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यही कारण है कि यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।






