पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार हाईकोर्ट पहुंची
Share your love

संवाद 24 संभल। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निचली अदालत के आदेश को निरस्त कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की है। इस याचिका में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।
सरकारी रिवीजन में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। मामला संभल में हुए एक बवाल से जुड़ा है, जिसमें एक युवक के घायल होने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।
इस संबंध में संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में विधिवत रिवीजन नियोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि निचली अदालत के आदेश को निरस्त कराने की मांग की गई है, क्योंकि घायल युवक के पिता द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
एसपी ने स्पष्ट किया कि संबंधित युवक बवाल के मामले में स्वयं आरोपी है और घटनाक्रम के दौरान हुई कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने के तहत की गई थी। ऐसे में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर का आदेश उचित नहीं है।
फिलहाल इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होना बाकी है। अब न्यायालय के निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निचली अदालत का आदेश बरकरार रहेगा या उसे निरस्त किया जाएगा।






