UGC कानून लागू होकर रहेगा, संसद में बनते हैं कानून: मंत्री संजय निषाद

संवाद 24 बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद UGC कानून को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस पूरे प्रकरण पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां कानून संसद के माध्यम से जनहित को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। उन्होंने दोहराया कि UGC कानून लागू होकर रहेगा।

मंत्री संजय निषाद ने कहा कि किसी भी कानून को लागू करने से पहले संसद में उस पर विस्तृत चर्चा होती है। देशभर से चुने गए जनप्रतिनिधि अपने विचार रखते हैं और बहुमत के आधार पर कानून पारित किया जाता है। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है और वहीं से देश के लिए नियम और कानून तय होते हैं।

संजय निषाद ने यह भी स्पष्ट किया कि जब कोई कानून लागू होता है, तो उसके बाद व्यवहारिक स्तर पर कुछ कमियां सामने आ सकती हैं। ऐसी स्थिति में सरकार उन खामियों पर विचार कर आवश्यक संशोधन कर सकती है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई कानूनों में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं और भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर बदलाव संभव है।

मंत्री ने अपने बयान में संविधान सभा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का संविधान भी विद्वान और अनुभवी लोगों द्वारा बनाया गया था, लेकिन समय के साथ उसमें भी संशोधन किए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि कोई भी कानून पत्थर की लकीर नहीं होता, बल्कि समय और परिस्थितियों के अनुसार उसमें परिवर्तन किया जा सकता है।

गौरतलब है कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियमों और अन्य मुद्दों को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। बाद में शासन ने उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए।

मंत्री संजय निषाद ने कहा कि UGC कानून का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और देश को आगे ले जाना है। सरकार चाहती है कि कानून लागू हो, ताकि उसके प्रभाव और लाभों का सही आकलन किया जा सके। यदि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या सामने आती है, तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

इस्तीफे और आरोपों के बाद शासन ने सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित करते हुए मंडलायुक्त स्तर की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Shivpratap Singh
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