आगामी बजट को लेकर योगी सरकार का मंथन, विकास और रोजगार पर रहेगा फोकस
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संवाद 24 लखनऊ। फरवरी में पेश होने वाले आम बजट से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार देर शाम एक उच्चस्तरीय बैठक कर आगामी बजट प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों को लोक कल्याण, विकास और वित्तीय अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री के अधीन विभागों के साथ-साथ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के विभागों से जुड़े बजट प्रस्तावों, नई मांगों और केंद्र सरकार के आम बजट 2026-27 के संभावित प्रावधानों पर मंथन किया गया। इस दौरान राज्य सरकार की रणनीति को केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुरूप ढालने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी बजट का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब, किसान, श्रमिक, महिलाएं, युवा और वंचित वर्ग बजट की प्राथमिकता में हों और बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज न बनकर आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बने।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार, निवेश में वृद्धि, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है, जिससे जनता की अपेक्षाएं और बढ़ी हैं।
केंद्रीय बजट से तालमेल पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार के आगामी आम बजट में उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रावधानों का गहन अध्ययन किया जाए। इसके आधार पर राज्य के विभागीय बजट प्रस्तावों में आवश्यक समन्वय और सुधार सुनिश्चित किए जाएं, ताकि केंद्र प्रायोजित योजनाओं का अधिकतम लाभ प्रदेश को मिल सके।
बैठक में अवसंरचनात्मक विकास को भी बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क, भवन, परिवहन और लॉजिस्टिक से जुड़े प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करना और औद्योगिक गतिविधियों को गति देना है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बिना वित्तीय अनुशासन के कोई भी कल्याणकारी योजना स्थायी परिणाम नहीं दे सकती। संसाधनों का उपयोग प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाए और अनावश्यक खर्च से बचा जाए।
रोजगार सृजन को लेकर मुख्यमंत्री ने औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप प्रोत्साहन और कौशल विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है और बजट में ऐसे प्रावधान होने चाहिए जो दीर्घकालिक रोजगार पैदा करें।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी बजट उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा तय करेगा। सरकार का लक्ष्य न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी प्रदेश को तैयार करना है। इस उच्चस्तरीय बैठक को आगामी बजट की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






