
संवाद 24 प्रयागराज। (संवाद 24) बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समूहों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ कथित हमलों और चिंताजनक स्थितियों के बीच पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भारत के मुस्लिम समुदाय से इस मुद्दे पर आवाज उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक एकता, सहिष्णुता और मानवता की रक्षा के लिए सभी समुदायों को आगे आना चाहिए।
शंकराचार्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचार को भारत में तब तक नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए जब तक वहां के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भारत में मुसलमानों सहित सभी नागरिकों को कथित हमलों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए ताकि धार्मिक सद्भाव और मानवाधिकारों का सम्मान बना रहे।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और देश के भीतर धार्मिक समुदाय सुरक्षित रहते हैं, इसलिए पड़ोसी देश में मानवाधिकारों का हनन होने पर चुप्पी साधना उचित नहीं है। शंकराचार्य के अनुसार केवल एक धर्म या समुदाय की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सभी अल्पसंख्यक समूहों की रक्षा की जानी चाहिए।
उनके बयान को सामाजिक और धार्मिक परिप्रेक्ष्य से देखा जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की जा रही है। इस मुद्दे पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक नेताओं के प्रतिक्रियाएं पहले से ही सामने आती रही हैं, और शंकराचार्य के इस कदम से बहस और सक्रिय हो गई है।






