बांदा में खाकी शर्मसार: सिपाही ने कुल्हाड़ी से तीन साल की बेटी की हत्या, पत्नी गंभीर घायल
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संवाद 24 बांदा। जिले के मरका कस्बे में एक जानलेवा घरेलू विवाद की घटना बुधवार रात सामने आई। स्थानीय पुलिस के अनुसार एक कांस्टेबल (सिपाही) ने विवाद के दौरान तीन साल की अपनी छोटी बेटी को कुल्हाड़ी से मारकर उसकी हत्या कर दी, जबकि अपनी पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया है और उसकी तलाश की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी सरकारी सेवक अपनी पत्नी और बेटी के साथ रहता था। रात में किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद सिपाही ने हथियार का इस्तेमाल किया। घटना के समय घर के भीतर मौजूद अन्य परिवार के सदस्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के फरार होने के कारण सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
घायल पत्नी को तुरंत निकटस्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल के आस-पास के लोगों ने बताया कि विवाद अचानक हिंसा में बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप यह भयानक मौत हुई।
स्थानीय पुलिस ने मामला संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आरोपी सिपाही के ठिकानों पर रेड की जा रही है और उससे पूछताछ के लिए प्रयास जारी हैं। पुलिस ने बताया है कि घरेलू कलह को प्रमुख कारण माना जा रहा है, पर विस्तृत कारण और साक्ष्यों की जांच आगे की प्रक्रिया का हिस्सा है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
ऐसी घटनाएं सामाजिक तनाव, पारिवारिक कलह और मानसिक दबाव के प्रभाव को उजागर करती हैं। भारत में घरेलू हिंसा से जुड़े कई मामलों में पुलिस और न्यायिक संस्थाओं को त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता बढ़ जाती है ताकि हिंसा के इस प्रकार के अप्रिय परिणामों को रोका जा सके। इसके साथ ही परिवार और समाज में तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। (विश्लेषण)
बांदा में हुई यह घटना मानवता के लिए बेहद चिंताजनक है जहाँ एक सेवक बनी व्यक्ति ने अपने परिवार के प्रति हिंसात्मक कृत्य किया। घटना की जांच, आरोपी की गिरफ़्तारी, और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर अब प्रशासन की तत्परता ही आगे की दिशा तय करेगी।






