हमीरपुर में नदियों की सेहत सुधारने की बड़ी तैयारी, स्थापित होंगे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
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संवाद 24 हमीरपुर। जिले में यमुना और बेतवा नदियों को प्रदूषण-मुक्त करने और जल गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जिला प्रशासन ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का औपचारिक निर्णय लिया है। यह कदम दोनों नदियों में बढ़ते प्रदूषण स्तर और पेलोड वेस्ट के प्रभाव से उत्पन्न स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय खतरों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यमुना और बेतवा नदी के जल में मौजूद हानिकारक तत्वों, औद्योगिक अपशिष्ट और जैविक प्रदूषकों को कम करना है। इसके लिए बायोरिमेडिएशन और फाइटो-रिमेडिएशन जैसी उन्नत तकनीकें अपनाई जाएँगी, जो सूक्ष्मजीवों व पौधों के उपयोग से जल को स्वाभाविक रूप से शुद्ध करने में सक्षम हैं।
हमीरपुर नगर पालिका की ओर से प्रारंभिक लागत लगभग ₹25 लाख निर्धारित की गई है। यह राशि स्थानीय निकाय द्वारा आवंटित की गई है और परियोजना के शुरुआती चरण और तकनीकी कार्यों पर खर्च की जाएगी। भविष्य में विस्तृत योजनाओं के लिए अतिरिक्त निधि सुगम स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में नगर पालिका द्वारा संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों तथा जल शुद्धिकरण विभाग के साथ समन्वय करते हुए परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई है। उन्होंने कहा है कि नदियों की सफाई केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि ग्रामीण तथा शहरी आबादी की स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से भी अनिवार्य है।
यमुना और बेतवा दोनों नदी प्रणालियाँ बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए जीवन-रेखा की तरह हैं, लेकिन लंबे समय से प्रदूषण, सॉलिड वेस्ट डंपिंग और कृषि अपशिष्टों के कारण इनकी जल गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित है। इन नदियों के शुद्धिकरण से स्थानीय जनता को पीने योग्य जल की उपलब्धता, संक्रमण रोगों में कमी, और एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में सहायता मिलेगी।
प्रारंभिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के सफल निष्पादन के बाद प्रशासन आगे चलकर विस्तृत नदी संजीवनी और धारा परीणाम कार्यक्रम भी शुरू करने का विचार कर रहा है, जिसमें नदी तटों की सफाई, अवैध नालों का नियंत्रण तथा औद्योगिक डिस्चार्ज की कड़ी निगरानी शामिल होगी।






