
संवाद 24 पश्चिम बंगाल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को देशभर में योग और स्वास्थ्य का उत्सव मनाया गया। इस वर्ष का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर देशवासियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। देश के विभिन्न राज्यों, शहरों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी संस्थानों तथा सार्वजनिक स्थलों पर भी बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कोलकाता बना राष्ट्रीय आयोजन का केंद्र
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। योगाभ्यास के दौरान विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया तथा योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश दिया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की एक प्राचीन भारतीय परंपरा है, जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
देशभर में आयोजित हुए विशेष कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम सहित अनेक राज्यों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, पार्कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। कई स्थानों पर प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से विशेष शिविर लगाए गए, जिनमें बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने भाग लिया। योग प्रशिक्षकों ने लोगों को विभिन्न आसनों के लाभों की जानकारी दी और नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया।
दुनिया के अनेक देशों में भी दिखा उत्साह
भारत के साथ-साथ विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और सांस्कृतिक केंद्रों में भी योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न देशों में भारतीय समुदाय तथा स्थानीय नागरिकों ने योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया। योग के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि ने भारत की इस प्राचीन परंपरा को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद से दुनिया के अनेक देशों में इसका आयोजन लगातार बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का माध्यम बना योग
विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक तनाव को भी कम किया जा सकता है। बदलती जीवनशैली और बढ़ती व्यस्तता के बीच योग लोगों को संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न योगासन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने, मानसिक शांति बनाए रखने तथा जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव में सहायक होते हैं।
भारत की प्राचीन परंपरा का वैश्विक विस्तार
योग की उत्पत्ति भारत में हुई और आज यह विश्व के अनेक देशों में अपनाया जा रहा है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। इसके बाद से हर वर्ष करोड़ों लोग योग दिवस के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। इस वर्ष भी देश और दुनिया में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक जीवनशैली है।






