बंगाल में चुनावी जीत के बाद खूनी वारदात! सुवेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या से सियासी पारा चढ़ा
Share your love

संवाद 24 पश्चिम बंगाल। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है। इसी बीच उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद भाजपा ने इसे सुनियोजित राजनीतिक हमला बताया है, जबकि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौके पर मौत
बताया जा रहा है कि घटना देर रात उस समय हुई जब चंद्रनाथ रथ अपनी कार से मध्यमग्राम इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया और बेहद करीब से गोलियां चलाईं। गोलीबारी इतनी अचानक हुई कि कार में बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हमले में रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर काफी देर से कार का पीछा कर रहे थे और उन्होंने मौका मिलते ही हमला कर दिया।
सुवेंदु अधिकारी ने लगाया साजिश का आरोप
घटना की खबर मिलते ही भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध हत्या है। उन्होंने दावा किया कि हमलावर पिछले दो से तीन दिनों से रेकी कर रहे थे और चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में विपक्षी नेताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं को लगातार डराने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव बाद हिंसा को लेकर भाजपा का हमला
भाजपा नेताओं का आरोप है कि चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के कई हिस्सों में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। पार्टी का कहना है कि जीत के बाद भी कार्यकर्ताओं और नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इस हत्या की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ विपक्षी दलों ने मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की भी मांग उठाई है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस जुटी जांच में, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे
पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। कार के शीशों पर गोलियों के निशान मिले हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर कौन थे और उन्होंने इतनी सटीक योजना के साथ वारदात को कैसे अंजाम दिया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने बेहद पेशेवर तरीके से घटना को अंजाम दिया और कुछ ही मिनटों में मौके से फरार हो गए।
भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश
चंद्रनाथ रथ लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और राजनीतिक गतिविधियों के संचालन में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी। पार्टी के अंदर उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली सहयोगी के रूप में देखा जाता था। उनकी हत्या से भाजपा कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं और कार्यकर्ता आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
बंगाल की राजनीति में फिर बढ़ा तनाव
इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। चुनावी माहौल खत्म होने के बाद भी हिंसा और टकराव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। भाजपा जहां इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रही है, वहीं राज्य सरकार पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हमलावरों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। लेकिन इस हत्या ने यह साफ कर दिया है कि बंगाल की राजनीति में तनाव अब भी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो सकता है।






