
संवाद 24 नई दिल्ली। 22 जनवरी 2026 को क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब में स्थित भारतीय दूतावास में कुछ भारत-विरोधी तत्वों ने जबरन घुसकर तोड़-फोड़ की। खबरों के मुताबिक, हमलावरों ने दूतावास की दीवारों पर अलगाववादी नारे लिखे और वहां लगे भारतीय तिरंगे का अपमान करने की कोशिश की। इस घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) से जोड़कर देखा जा रहा है।
विदेश मंत्रालय (MEA) की तीखी प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा, “हम ज़ाग्रेब में अपने दूतावास परिसर में हुई तोड़-फोड़ और अतिक्रमण की कड़ी निंदा करते हैं। राजनयिकों और दूतावास की सुरक्षा के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” भारत ने स्पष्ट किया कि ‘वियना कन्वेंशन’ के तहत दूतावास की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेजबान देश (क्रोएशिया) की जिम्मेदारी है।
गणतंत्र दिवस से पहले अशांति फैलाने की साजिश
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह हमला 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) से ठीक पहले भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया है। खालिस्तानी अलगाववादी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश जारी किए हैं। भारत ने इस मामले को क्रोएशियाई सरकार के सामने उच्च स्तर पर उठाया है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
क्रोएशिया सरकार का आश्वासन
घटना के बाद क्रोएशिया के विदेश मंत्रालय ने भी अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कृत्य को “अस्वीकार्य” बताया है और भारतीय दूतावास को पूरी सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया है। स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दूतावास के आसपास सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है।
वैश्विक स्तर पर सतर्कता के निर्देश
इस हमले को देखते हुए भारत सरकार ने दुनिया भर के विभिन्न देशों में स्थित अपने दूतावासों और उच्चायोगों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। खासकर उन देशों में जहाँ अलगाववादी तत्व सक्रिय हैं, वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने के लिए स्थानीय सरकारों से संपर्क किया गया है।






