एंड्रॉयड ऑटो में गूगल जेमिनी: कार में बैठे-बैठे मिलेंगे फ्लाइट और रेस्टोरेंट के रियल-टाइम अपडेट

संवाद 24 डेस्क। तकनीक की दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल अब मोबाइल फोन और कंप्यूटर तक सीमित नहीं रह गया है। वाहन चलाने के अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए भी इस तकनीक का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसी दिशा में गूगल ने अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सहायक जेमिनी को एंड्रॉयड ऑटो और गूगल की अंतर्निर्मित सेवाओं वाले वाहनों में उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी ने पर्सनल इंटेलिजेंस नामक सुविधा का विस्तार शुरू किया है, जो उपयोगकर्ता की अनुमति से उसके ईमेल, कैलेंडर, तस्वीरों, मानचित्रों और दूसरी संबद्ध सेवाओं से जानकारी लेकर अधिक व्यक्तिगत जवाब देने में सक्षम होगी।
इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वाहन चालक को हर बार किसी जानकारी के लिए मोबाइल फोन खोलने, अलग-अलग अनुप्रयोगों में खोज करने या पहले से मौजूद विवरण दोबारा बताने की जरूरत कम हो सकती है। उदाहरण के लिए, हवाई अड्डे जाते समय उड़ान की जानकारी पूछना, किसी मुलाकात का पता जानना या रास्ते में अपनी पसंद के अनुसार भोजनालय खोजना अब बातचीत के जरिए संभव हो सकेगा। हालांकि, इन सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता उपयोगकर्ता के खाते, क्षेत्र, उपकरण और संबंधित सेवाओं की अनुमति पर निर्भर करेगी।

क्या है जेमिनी का पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर?
पर्सनल इंटेलिजेंस जेमिनी की ऐसी सुविधा है, जिसका उद्देश्य सामान्य सवालों के जवाब देने के साथ उपयोगकर्ता के निजी डिजिटल संदर्भ को समझकर अधिक उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। सामान्य डिजिटल सहायक किसी सवाल के जवाब में उपलब्ध जानकारी खोज सकता है, लेकिन व्यक्तिगत संदर्भ से जुड़ी सुविधा जरूरत पड़ने पर उपयोगकर्ता की अनुमति से जुड़ी सेवाओं में मौजूद जानकारियों को भी ध्यान में रख सकती है।
मान लीजिए कि किसी व्यक्ति ने कुछ दिन पहले ईमेल के माध्यम से हवाई यात्रा का टिकट बुक किया था। यात्रा के दिन उसे उड़ान संख्या, प्रस्थान का समय और संबंधित विवरण जानने के लिए अपना ईमेल खोजना पड़ सकता है। पर्सनल इंटेलिजेंस के माध्यम से वह वाहन में बैठे-बैठे आवाज से सवाल पूछ सकता है। जेमिनी संबद्ध जानकारी उपलब्ध होने पर संबंधित विवरण खोजकर जवाब देने का प्रयास करेगा। यदि सवाल में उड़ान की वर्तमान स्थिति भी पूछी जाती है, तो उसके लिए उपयुक्त और उपलब्ध जानकारी की जरूरत होगी। इसलिए हर स्थिति में सभी विवरण मिलने की गारंटी नहीं मानी जानी चाहिए।
इस सुविधा की खासियत केवल जानकारी खोजना नहीं, बल्कि अलग-अलग स्रोतों से मिले संदर्भ को जोड़कर उपयोगकर्ता के सवाल का उत्तर देना है। इससे वाहन में यात्रा के दौरान डिजिटल सहायक का उपयोग अधिक सहज और व्यावहारिक हो सकता है।

एंड्रॉयड ऑटो में क्या बदलेगा?
एंड्रॉयड ऑटो ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए अनुकूल स्मार्टफोन की सुविधाओं को वाहन की स्क्रीन पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके माध्यम से चालक आवाज के जरिए रास्ता पूछ सकता है, फोन कर सकता है, संदेश भेज सकता है और संगीत नियंत्रित कर सकता है। जेमिनी के जुड़ने से बातचीत को अधिक स्वाभाविक बनाने और जटिल सवालों को समझने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
अब उपयोगकर्ता केवल छोटे आदेश देने के बजाय सामान्य बातचीत की तरह अपनी जरूरत बता सकेगा। उदाहरण के लिए, वह पूछ सकता है कि उसके निर्धारित रास्ते में कौन-सा भोजनालय उपयुक्त रहेगा, किसी स्थान तक पहुंचने में कौन-सा मार्ग बेहतर है या पहले चर्चा किए गए स्थान तक कैसे पहुंचा जाए। जेमिनी उपलब्ध संदर्भ और संबंधित सेवाओं की मदद से उत्तर तैयार कर सकता है।
इस बदलाव से वाहन की स्क्रीन पर बार-बार अलग-अलग विकल्प देखने की आवश्यकता घट सकती है। आवाज आधारित संवाद का उद्देश्य चालक को सड़क पर ध्यान बनाए रखते हुए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है। फिर भी चालक को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और ऐसी किसी भी बातचीत से बचना चाहिए जो वाहन चलाने के दौरान उसका ध्यान भटकाए।

फ्लाइट की जानकारी से लेकर यात्रा की तैयारी तक मिलेगी मदद
नई सुविधा का एक उपयोगी उदाहरण हवाई यात्रा से जुड़ा है। अक्सर लोग घर से हवाई अड्डे के लिए निकलते समय टिकट, उड़ान संख्या, प्रस्थान द्वार या समय की पुष्टि करना चाहते हैं। ऐसी जानकारी ईमेल में हो सकती है, जबकि उड़ान में देरी से संबंधित सूचना किसी अन्य सेवा से प्राप्त करनी पड़ सकती है।
पर्सनल इंटेलिजेंस का उद्देश्य ऐसे सवालों के लिए अलग-अलग जगहों पर खोज करने की जरूरत कम करना है। उपयोगकर्ता पूछ सकता है कि उसकी उड़ान किस द्वार से रवाना होगी और क्या वह समय पर है। जेमिनी संबद्ध ईमेल तथा उपलब्ध ताजा जानकारी के आधार पर जवाब देने का प्रयास कर सकता है। लेकिन हवाई अड्डे के द्वार, समय और उड़ान की स्थिति बदल सकती है। इसलिए यात्रा से पहले विमानन कंपनी या हवाई अड्डे की आधिकारिक जानकारी से पुष्टि करना जरूरी रहेगा।
यात्रा के दौरान होटल का पता, आरक्षण से जुड़ा संदेश या कैलेंडर में दर्ज कार्यक्रम जैसी जानकारी भी उपयोगी हो सकती है। यदि संबंधित खाते और सेवाएं जुड़ी हैं तथा जानकारी उपलब्ध है, तो उपयोगकर्ता को मोबाइल पर लंबे समय तक खोज करने की आवश्यकता कम हो सकती है। इस प्रकार यह सुविधा यात्रा की योजना बनाने और समय पर जरूरी विवरण हासिल करने में मददगार साबित हो सकती है।

तस्वीर देखकर भी खोज सकेगा पहले देखे गए स्थान
इस सुविधा का एक और दिलचस्प उपयोग गूगल तस्वीरों में सुरक्षित यादों और स्थानों से जुड़ा है। कई बार लोग किसी दुकान, वाहन धुलाई केंद्र, पर्यटन स्थल या भोजनालय की तस्वीर खींच लेते हैं, लेकिन कुछ दिन बाद उसका नाम या सही पता भूल जाते हैं। ऐसे में तस्वीरों में हाथ से खोज करने के बजाय उपयोगकर्ता जेमिनी से उस स्थान की पहचान करने और वहां तक पहुंचने में मदद मांग सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति ने पिछले सप्ताह किसी वाहन धुलाई केंद्र की तस्वीर ली थी, तो वह पूछ सकता है कि उस तस्वीर में दिखने वाले स्थान तक पहुंचने का रास्ता बताएं। यदि तस्वीर संबंधित खाते में उपलब्ध है, उसे देखने की अनुमति दी गई है और उसमें स्थान की पहचान के लिए पर्याप्त जानकारी है, तो जेमिनी खोज और मार्गदर्शन में मदद कर सकता है।
इसी प्रकार, पहले किसी बातचीत में चर्चा किए गए भोजनालय या घूमने की जगह को दोबारा खोजने में भी यह तकनीक उपयोगी हो सकती है। इसका लाभ उन लोगों को विशेष रूप से मिल सकता है जो नियमित रूप से यात्रा करते हैं और अनेक स्थानों की जानकारी अपने मोबाइल में सुरक्षित रखते हैं।
हालांकि, तस्वीर में दिखाई देने वाली हर जगह की पहचान सुनिश्चित नहीं है। यदि तस्वीर में कोई विशिष्ट संकेत, स्थान संबंधी जानकारी या पर्याप्त दृश्य विवरण उपलब्ध नहीं है, तो गलत पहचान होने की आशंका भी रह सकती है। ऐसे मामलों में उपयोगकर्ता को परिणाम की पुष्टि करनी चाहिए।

रास्ते में अपनी पसंद का भोजनालय खोजना होगा आसान
लंबी यात्रा के दौरान भोजन के लिए सही जगह तलाशना भी एक चुनौती होती है। किसी अनजान शहर में पहुंचने पर व्यक्ति ऐसी जगह ढूंढ़ना चाहता है जहां अच्छा भोजन मिले, वाहन खड़ा करने की सुविधा हो और मुख्य मार्ग से बहुत दूर भी न जाना पड़े। जेमिनी का व्यक्तिगत संदर्भ समझने वाला स्वरूप ऐसी खोज को उपयोगकर्ता की पसंद के अनुसार बेहतर बनाने का प्रयास करेगा।
यदि कोई व्यक्ति शाकाहारी भोजन पसंद करता है, तो वह रास्ते में अपनी पसंद के अनुरूप भोजनालयों की जानकारी मांग सकता है। इसी तरह, उपयोगकर्ता अपने सवाल में यह बता सकता है कि उसे किसी बंद स्थान पर बैठकर भोजन करना है या रास्ते में कम समय लगने वाला विकल्प चाहिए। उपलब्ध मानचित्रों, स्थान संबंधी जानकारी और निजी प्राथमिकताओं के आधार पर जेमिनी उपयुक्त विकल्प सुझा सकता है।
इस सुविधा का व्यावहारिक लाभ यह है कि उपयोगकर्ता को अपनी पसंद हर बार विस्तार से समझाने की जरूरत कम हो सकती है। लेकिन भोजनालय की वास्तविक स्थिति, खुलने का समय, उपलब्ध सुविधाओं और रास्ते में लगने वाले समय की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा। सुझाए गए विकल्पों को अंतिम निर्णय मानने के बजाय जानकारी प्राप्त करने का माध्यम समझना चाहिए।

कैलेंडर और ईमेल से जुड़ी जानकारी भी आएगी काम
व्यस्त दिनचर्या में किसी बैठक, चिकित्सक से मुलाकात या अन्य जरूरी कार्यक्रम का समय और पता याद रखना कई बार मुश्किल हो जाता है। कैलेंडर में दर्ज कार्यक्रमों और ईमेल में उपलब्ध विवरणों की सहायता से जेमिनी उपयोगकर्ता को संबंधित जानकारी खोजने में मदद कर सकता है।
उदाहरण के लिए, वाहन चलाते समय उपयोगकर्ता पूछ सकता है कि उसे अपनी अगली मुलाकात के लिए कहां जाना है। यदि कैलेंडर में कार्यक्रम दर्ज है और आवश्यक सेवाओं का संपर्क उपलब्ध है, तो जेमिनी संबंधित जानकारी के आधार पर रास्ता बताने में मदद कर सकता है। इससे बार-बार मोबाइल खोलकर कार्यक्रम खोजने की आवश्यकता घट सकती है।
यह सुविधा केवल कार्यक्रमों का पता लगाने तक सीमित नहीं है। ईमेल में दर्ज आरक्षण, किसी बैठक से संबंधित संदेश या पहले से सुरक्षित की गई जगह का विवरण भी उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उपयोगकर्ता ने कौन-सी सेवाएं जोड़ी हैं और उनमें संबंधित जानकारी उपलब्ध है या नहीं।

गूगल की किन सेवाओं से जुड़ सकेगा जेमिनी?
पर्सनल इंटेलिजेंस को उपयोगकर्ता के डिजिटल जीवन से जोड़ने के लिए गूगल की कई सेवाओं का सहारा लिया जा सकता है। इनमें जीमेल, गूगल कैलेंडर, गूगल तस्वीरें, गूगल मानचित्र, यूट्यूब और गूगल खोज जैसी सेवाएं शामिल हैं। इन सेवाओं से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल उपयोगकर्ता की अनुमति और उपलब्धता के अनुसार किया जाता है।
इनका एक साथ इस्तेमाल होने से ऐसे सवालों के जवाब देना आसान हो सकता है जिनके लिए पहले अलग-अलग अनुप्रयोगों में जानकारी खोजनी पड़ती थी। उदाहरण के लिए, किसी यात्रा का कार्यक्रम कैलेंडर में दर्ज हो सकता है, टिकट की जानकारी ईमेल में हो सकती है और गंतव्य का पता मानचित्र में उपलब्ध हो सकता है। जेमिनी इन स्रोतों से प्रासंगिक संदर्भ जुटाकर उपयोगकर्ता की मदद करने का प्रयास कर सकता है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि सभी सेवाओं से हर प्रकार की जानकारी हर उपयोगकर्ता के लिए उपलब्ध नहीं होगी। सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले खाते की पात्रता, क्षेत्रीय उपलब्धता और अनुमतियों की जांच करना आवश्यक है। किसी सेवा को जोड़ने का अर्थ यह भी नहीं है कि हर सवाल का उत्तर हमेशा सटीक या पूरी तरह अद्यतन मिलेगा।

निजता और निजी जानकारी की सुरक्षा पर कितना ध्यान?
जब कोई कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सहायक ईमेल, तस्वीरों, कैलेंडर और अन्य निजी सेवाओं से जानकारी प्राप्त करता है, तो निजता का सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है। उपयोगकर्ता को यह समझना चाहिए कि वह किस प्रकार की जानकारी साझा करने की अनुमति दे रहा है और उस जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा सकता है।
गूगल के अनुसार, पर्सनल इंटेलिजेंस वैकल्पिक सुविधा है। संबंधित अनुप्रयोग अपने आप नहीं जुड़ जाते, बल्कि उपयोगकर्ता को अपनी पसंद के अनुसार उन्हें जोड़ने की अनुमति देनी होती है। उपयोगकर्ता जेमिनी की सेटिंग में जाकर अपनी प्राथमिकताओं को नियंत्रित कर सकता है और जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत संदर्भ से जुड़ी सुविधा बंद भी कर सकता है।
वाहनों में इस सुविधा का इस्तेमाल करते समय भी उपलब्धता और जुड़ाव की शर्तें महत्वपूर्ण हैं। गूगल की अंतर्निर्मित सेवाओं वाले वाहनों में व्यक्तिगत जवाब देने के लिए फोन का वाहन से जुड़ा होना आवश्यक बताया गया है। यदि उपयोगकर्ता पर्सनल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल नहीं करना चाहता, तब भी वाहन में मार्गदर्शन, संगीत सुनने, फोन करने और सामान्य सवाल पूछने जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रह सकती हैं।
निजता से जुड़ी एक व्यावहारिक सावधानी यह भी है कि उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार ही सेवाएं जोड़े। संवेदनशील संदेशों, निजी तस्वीरों और व्यक्तिगत कार्यक्रमों से जुड़ी अनुमतियों को समझकर ही निर्णय लेना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से मिलने वाले जवाबों में त्रुटि की संभावना भी रहती है, इसलिए महत्वपूर्ण जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।

एंड्रॉयड ऑटो और गूगल की अंतर्निर्मित सेवाओं वाले वाहनों में क्या है अंतर?
एंड्रॉयड ऑटो आम तौर पर स्मार्टफोन को अनुकूल वाहन की स्क्रीन से जोड़कर काम करता है। इसके विपरीत, गूगल की अंतर्निर्मित सेवाओं वाले वाहनों में गूगल की कुछ सुविधाएं सीधे वाहन की व्यवस्था का हिस्सा होती हैं। इसलिए दोनों में जेमिनी के इस्तेमाल का तरीका और उपलब्ध सुविधाएं अलग हो सकती हैं।
गूगल ने 20 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि जेमिनी वैश्विक स्तर पर एंड्रॉयड ऑटो और गूगल की अंतर्निर्मित सेवाओं वाले वाहनों में उपलब्ध हो रहा है। पर्सनल इंटेलिजेंस का विस्तार पहले एंड्रॉयड ऑटो पर शुरू किया गया है, जबकि अंतर्निर्मित गूगल सेवाओं वाले वाहनों में इसे आने वाले महीनों में उपलब्ध कराने की योजना बताई गई है।
इस घोषणा का अर्थ यह नहीं है कि हर वाहन और हर उपयोगकर्ता को सभी सुविधाएं एक ही दिन मिल जाएंगी। वाहन निर्माता, उपकरण, सॉफ्टवेयर संस्करण, खाते की पात्रता और देश के अनुसार उपलब्धता में अंतर हो सकता है। इसलिए उपयोगकर्ताओं को अपने फोन और वाहन की अनुकूलता तथा जेमिनी की सेटिंग जांचनी चाहिए।

कैसे इस्तेमाल कर सकेंगे यह सुविधा?
जेमिनी का लाभ लेने के लिए सबसे पहले यह देखना होगा कि उपयोगकर्ता का स्मार्टफोन और वाहन एंड्रॉयड ऑटो के अनुकूल हैं या नहीं। गूगल की सहायता संबंधी जानकारी के अनुसार, एंड्रॉयड ऑटो पर जेमिनी इस्तेमाल करने के लिए अनुकूल फोन, समर्थित क्षेत्र में सेवा की उपलब्धता और जेमिनी को डिजिटल सहायक के रूप में चुनना जरूरी है। फोन को वाहन से जोड़ने के बाद आवाज के माध्यम से सवाल पूछे जा सकते हैं। कुछ वाहनों में स्टीयरिंग पर मौजूद आवाज नियंत्रण बटन से भी सहायक को सक्रिय किया जा सकता है।
व्यक्तिगत जानकारी पर आधारित जवाब पाने के लिए उपयोगकर्ता को जेमिनी की सेटिंग में जाकर पर्सनल इंटेलिजेंस की उपलब्धता और संबंधित सेवाओं की अनुमति जांचनी होगी। जिन उपयोगकर्ताओं ने पहले ही अपने जेमिनी खाते में यह सुविधा सक्रिय कर रखी है, उनकी चुनी हुई प्राथमिकताएं वाहन में भी लागू हो सकती हैं, बशर्ते संबंधित सुविधा वहां उपलब्ध हो।
ध्यान देने वाली बात यह है कि जेमिनी और एंड्रॉयड ऑटो की सभी सुविधाएं हर भाषा और हर क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए भारत में किसी खास खाते या वाहन पर इस सुविधा की उपलब्धता का अनुमान केवल वैश्विक घोषणा के आधार पर नहीं लगाया जाना चाहिए।

क्या यह तकनीक वाहन चलाने का तरीका बदल देगी?
जेमिनी का एंड्रॉयड ऑटो में विस्तार वाहन के भीतर डिजिटल सहायक की भूमिका को अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब तक आवाज आधारित सहायक का प्रमुख इस्तेमाल रास्ता पूछने, फोन करने या संगीत चलाने जैसे कार्यों में होता रहा है। व्यक्तिगत संदर्भ को समझने की क्षमता जुड़ने से यह सहायक यात्रा की योजना, जरूरी संदेशों की जानकारी और पहले से सुरक्षित स्थानों को खोजने में भी मदद कर सकता है।
इस बदलाव का लाभ खासकर उन लोगों को मिल सकता है जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, काम के सिलसिले में यात्रा करते हैं या दिनभर कई बैठकों और कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं। हालांकि, इस तकनीक की उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि उपलब्ध जानकारी कितनी सटीक है, सेवाएं कितनी अच्छी तरह जुड़ी हैं और उपयोगकर्ता अपनी निजता को ध्यान में रखते हुए इसका इस्तेमाल कैसे करता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुविधा का उद्देश्य चालक को मोबाइल फोन में उलझाना नहीं, बल्कि जरूरी काम आवाज के माध्यम से सरल बनाना है। सड़क पर सुरक्षा सर्वोपरि रहनी चाहिए। चालक को वाहन चलाते समय स्क्रीन देखने, जटिल सवालों में उलझने या ऐसा कोई काम करने से बचना चाहिए जो उसका ध्यान सड़क से हटा सकता है।
कुल मिलाकर, गूगल का यह कदम कृत्रिम बुद्धिमत्ता को रोजमर्रा की यात्रा से जोड़ने की दिशा में एक नया प्रयास है। यदि यह सुविधा विश्वसनीय जानकारी, उपयोगकर्ता के नियंत्रण और निजता की सुरक्षा के साथ प्रभावी ढंग से काम करती है, तो भविष्य में वाहन के भीतर डिजिटल सहायक केवल आदेश मानने वाला उपकरण नहीं, बल्कि व्यक्तिगत जरूरतों को समझकर मदद करने वाला सहयोगी बन सकता है। फिर भी इसकी वास्तविक सफलता तकनीकी दावों से अधिक इसके व्यावहारिक प्रदर्शन, क्षेत्रीय उपलब्धता और सुरक्षित इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।

Geeta Singh
Geeta Singh

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