
संवाद 24 डेस्क। पावर बैंक आज स्मार्टफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए बेहद उपयोगी साधन बन चुका है। बिजली उपलब्ध न होने पर मोबाइल को चार्ज करने से लेकर यात्रा के दौरान बैटरी की समस्या दूर करने तक, यह छोटा-सा उपकरण रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा बन गया है। लेकिन जिस पावर बैंक को लोग अक्सर बैग, बिस्तर, कार या अलमारी में बिना सोचे-समझे रख देते हैं, उसमें लगी लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर बैटरी को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। गलत तरीके से इस्तेमाल, अत्यधिक गर्मी, क्षतिग्रस्त बैटरी या अनुचित चार्जिंग की स्थिति में आग लगने और गंभीर नुकसान का खतरा पैदा हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया के उत्पाद सुरक्षा प्राधिकरण के अनुसार पावर बैंकों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरियां अत्यधिक ज्वलनशील हो सकती हैं और गलत तरीके से संभालने या रखने पर आग, विस्फोट अथवा जहरीली गैस निकलने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
पावर बैंक छोटा है, लेकिन इसके भीतर छिपी है बड़ी ऊर्जा
पावर बैंक मूल रूप से एक पोर्टेबल बैटरी है, जिसमें विद्युत ऊर्जा संचित रहती है। आमतौर पर इनमें लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर बैटरी का इस्तेमाल होता है। यही तकनीक इन्हें आकार में छोटा और क्षमता के लिहाज से उपयोगी बनाती है। लेकिन लिथियम आधारित बैटरियों के साथ तापमान, क्षति और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियों को लेकर विशेष सावधानी की जरूरत होती है।
समस्या तब पैदा हो सकती है जब बैटरी की आंतरिक संरचना क्षतिग्रस्त हो जाए, वह जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाए या उसके भीतर किसी कारण से विद्युत शॉर्ट सर्किट हो। ऐसी स्थिति में तापमान तेजी से बढ़ सकता है और बैटरी में आग लगने का जोखिम पैदा हो सकता है। अमेरिकी अग्नि सुरक्षा प्रशासन भी लिथियम-आयन बैटरियों में अत्यधिक गर्मी, आकार में बदलाव, रिसाव, असामान्य गंध या आवाज जैसे संकेतों को गंभीरता से लेने की सलाह देता है।
तकिए के नीचे पावर बैंक रखना क्यों हो सकता है खतरनाक?
बहुत से लोग रात में मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर बैंक को बिस्तर या तकिए के पास रख देते हैं। कई बार चार्जिंग के दौरान पावर बैंक के ऊपर कपड़ा, चादर या तकिया भी आ जाता है। यह आदत सुरक्षित नहीं मानी जाती। चार्जिंग के दौरान बैटरी में कुछ गर्मी पैदा होना सामान्य है, लेकिन यदि उसके आसपास हवा का आवागमन बाधित हो जाए तो गर्मी बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है।
सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि पावर बैंक को चार्ज करते समय कठोर और गैर-ज्वलनशील सतह पर रखा जाए। बिस्तर, सोफा, कालीन या ऐसे स्थानों पर चार्जिंग नहीं करनी चाहिए जो आसानी से आग पकड़ सकते हैं। सिंगापुर के उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा कार्यालय ने भी लिथियम-आयन बैटरी वाले उपकरणों को तकिए, बिस्तर या सोफे के नीचे चार्ज नहीं करने की सलाह दी है, क्योंकि इससे हवा का प्रवाह बाधित होकर अत्यधिक गर्मी पैदा हो सकती है।
कार के अंदर छोड़ना भी बड़ी भूल
अगर आप पावर बैंक को अक्सर कार में छोड़ देते हैं तो अपनी आदत बदलने की जरूरत है। खासकर गर्मियों में बंद कार के भीतर तापमान बाहर के वातावरण की तुलना में काफी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में पावर बैंक की बैटरी अत्यधिक गर्म हो सकती है।
अमेरिकी अग्नि सुरक्षा प्रशासन लिथियम-आयन बैटरियों को सीधी धूप और गर्म कारों में रखने से बचने की सलाह देता है। ब्रिटेन की विद्युत सुरक्षा संस्था भी पावर बैंक को अत्यधिक तापमान से दूर रखने की बात कहती है। इसलिए कार के डैशबोर्ड, धूप में रखी सीट या बंद वाहन में पावर बैंक छोड़ना उचित नहीं है।
लकड़ी की अलमारी और कपड़ों के बीच रखने से बचें
पावर बैंक को इस्तेमाल के बाद कपड़ों के ढेर, तकिए, गद्दे या लकड़ी की बंद दराज में रख देना भी अच्छी आदत नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि लकड़ी की अलमारी में रखा हर पावर बैंक तुरंत खतरनाक हो जाएगा, बल्कि समस्या यह है कि ऐसी जगह आग लगने की स्थिति में आसपास की सामग्री तेजी से आग पकड़ सकती है।
सुरक्षित तरीका यह है कि पावर बैंक को सूखी, ठंडी और हवादार जगह पर रखा जाए। उसके आसपास कागज, कपड़े, पर्दे या अन्य आसानी से आग पकड़ने वाली वस्तुएं न हों। ऑस्ट्रेलिया का उत्पाद सुरक्षा प्राधिकरण भी पावर बैंक को ठंडी और सूखी जगह पर तथा सीधी धूप से दूर रखने की सलाह देता है।
पावर बैंक को चार्ज करते समय ये गलती बिल्कुल न करें
पावर बैंक को चार्ज करने के लिए हमेशा निर्माता द्वारा बताए गए अनुकूल चार्जर और तार का इस्तेमाल करना चाहिए। केवल यह देखकर कि किसी दूसरे चार्जर का जोड़ पावर बैंक में लग रहा है, उसे इस्तेमाल करना उचित नहीं है। अलग-अलग उपकरणों की विद्युत आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं।
चार्जिंग के दौरान पावर बैंक को ढकना नहीं चाहिए। उसे खुली और हवादार जगह पर रखना बेहतर है। इसके अलावा चार्जिंग के समय पावर बैंक को बिस्तर या सोफे पर नहीं रखना चाहिए। अग्नि सुरक्षा संस्थाएं यह भी सलाह देती हैं कि बैटरी को चार्ज करते समय व्यक्ति घर से बाहर या सोने की स्थिति में उसे लंबे समय तक बिना निगरानी के न छोड़े।
पावर बैंक जरूरत से ज्यादा गर्म हो तो तुरंत रुक जाएं
चार्जिंग या मोबाइल को ऊर्जा देते समय पावर बैंक का हल्का गर्म होना हमेशा असामान्य नहीं है। लेकिन यदि वह इतना गर्म हो जाए कि हाथ लगाने में परेशानी हो, तो इसे सामान्य मानकर इस्तेमाल जारी नहीं रखना चाहिए।
विद्युत सुरक्षा संस्था के अनुसार यदि पावर बैंक अत्यधिक गर्म हो, उसमें असामान्य गंध आए, चिंगारी दिखाई दे, धुआं निकले, सूजन दिखाई दे या उसकी बाहरी संरचना में दरार अथवा दूसरी क्षति नजर आए तो उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।
ऐसी स्थिति में सबसे बड़ी गलती यह होगी कि व्यक्ति उसे दोबारा चार्ज करने या खोलकर ठीक करने का प्रयास करे। खराब लिथियम बैटरी को स्वयं खोलना या मरम्मत करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
बैटरी फूल जाए तो इसे मामूली खराबी न समझें
पावर बैंक की बाहरी सतह अगर फूलने लगे, उसका आकार बदल जाए या आवरण बाहर की ओर उभरता दिखाई दे तो इसे गंभीर चेतावनी संकेत मानना चाहिए। इसी तरह बैटरी से किसी प्रकार का तरल पदार्थ निकलना, जलने जैसी गंध आना या धुआं निकलना भी सामान्य नहीं है।
ऐसे पावर बैंक को इस्तेमाल या चार्ज नहीं करना चाहिए। अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ क्षतिग्रस्त या फूली हुई लिथियम बैटरी को सामान्य कूड़े में डालने से भी मना करते हैं, क्योंकि कचरा दबाए जाने या उसके साथ घर्षण होने पर आग लग सकती है।
गिरा हुआ पावर बैंक भी जांच के बिना न चलाएं
कई बार पावर बैंक ऊंचाई से गिर जाता है, लेकिन बाहर से बिल्कुल सही दिखाई देता है। ऐसे में लोग उसे पहले की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं। समस्या यह है कि गिरने से बाहरी आवरण के भीतर मौजूद बैटरी या विद्युत सुरक्षा तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।
यदि पावर बैंक जोर से गिरा है, दब गया है, उसमें दरार आई है या वह असामान्य तरीके से गर्म होने लगा है, तो उसे इस्तेमाल जारी रखना उचित नहीं है। लिथियम बैटरियों को अत्यधिक दबाव, छेदने या कुचलने से बचाने की सलाह दी जाती है।
चाबी और सिक्कों के साथ बैग में न रखें
यह छोटी-सी बात बहुत से लोग नजरअंदाज कर देते हैं। पावर बैंक को बैग में रखते समय यदि उसके विद्युत संपर्क वाले हिस्से चाबी, सिक्के या किसी दूसरी धातु की वस्तु के संपर्क में आ जाएं तो शॉर्ट सर्किट का खतरा पैदा हो सकता है।
ब्रिटेन की विद्युत सुरक्षा संस्था सलाह देती है कि पावर बैंक को ऐसी वस्तुओं के साथ न रखें जो उसके विद्युत संपर्कों को आपस में जोड़ सकती हैं। इसलिए यात्रा के दौरान पावर बैंक को अलग सुरक्षित जेब या सुरक्षा आवरण में रखना बेहतर है।
सस्ता पावर बैंक खरीदना पड़ सकता है महंगा
बाजार में पावर बैंक की कीमत और गुणवत्ता में काफी अंतर दिखाई देता है। केवल कम कीमत देखकर कोई उत्पाद खरीदना हमेशा सुरक्षित विकल्प नहीं होता। भारत में पावर बैंक के लिए भारतीय मानक ब्यूरो की अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था से संबंधित मानक लागू हैं। भारतीय मानक ब्यूरो की जानकारी में पोर्टेबल उपयोग वाले पावर बैंकों को संबंधित सुरक्षा मानक के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है।
भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो ने भी उपभोक्ताओं को अनिवार्य प्रमाणन के दायरे में आने वाले इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों, जिनमें पावर बैंक भी शामिल हैं, को भारतीय मानक चिह्न वाले उत्पाद के रूप में खरीदने की सलाह दी है।
इसलिए खरीदारी करते समय केवल क्षमता और कीमत न देखें। निर्माता की विश्वसनीयता, सुरक्षा प्रमाणन, वारंटी और उत्पाद के बारे में उपलब्ध जानकारी भी देखें।
लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना है तो क्या करें?
यदि पावर बैंक को लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना है तो उसे निर्माता के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थिति में रखना चाहिए। उसे सीधी धूप, अत्यधिक गर्मी, नमी और पानी से दूर रखें। बहुत लंबे समय तक बिल्कुल खाली अवस्था में छोड़ना भी उचित नहीं हो सकता; ऐसे मामलों में निर्माता की भंडारण संबंधी सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लंबे समय तक रखे पावर बैंक को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उसकी बाहरी स्थिति जांचें। यदि वह फूल गया है, क्षतिग्रस्त है या असामान्य रूप से गर्म हो रहा है तो उसे चार्ज न करें।
खराब पावर बैंक को कूड़ेदान में डालना भी गलत
पावर बैंक खराब होने के बाद उसे सामान्य घरेलू कूड़े में फेंक देना एक गंभीर गलती हो सकती है। कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण के दौरान बैटरी दबने या क्षतिग्रस्त होने पर आग लग सकती है। कई देशों की अग्नि सुरक्षा और उत्पाद सुरक्षा संस्थाएं लिथियम बैटरियों को सामान्य कचरे या सामान्य पुनर्चक्रण में डालने से बचने की सलाह देती हैं।
भारत में भी ऐसे उत्पादों के निपटान के लिए अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक कचरा या बैटरी पुनर्चक्रण व्यवस्था का उपयोग करना चाहिए। खराब बैटरी को खोलकर उसके अंदर की सामग्री निकालने या घर पर किसी तरह नष्ट करने का प्रयास बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
यात्रा के दौरान पावर बैंक रखने का भी है सही तरीका
यात्रा करते समय पावर बैंक को सुरक्षित आवरण में रखना चाहिए ताकि उसके संपर्क किसी धातु की वस्तु से न टकराएं। हवाई यात्रा में इसके लिए विशेष नियम लागू हो सकते हैं। भारत में नागरिक उड्डयन से संबंधित दिशा-निर्देशों में लिथियम बैटरियों और पावर बैंकों के परिवहन को लेकर विशेष प्रावधान हैं। उदाहरण के लिए एयर इंडिया के मौजूदा दिशा-निर्देशों में पावर बैंक को सामान में रखने के संबंध में प्रतिबंध और उसे शॉर्ट सर्किट से बचाने के उपाय बताए गए हैं।
इसलिए विमान से यात्रा करने से पहले संबंधित विमान कंपनी के वर्तमान नियम जरूर जांचने चाहिए। केवल सामान्य यात्रा के नियमों को देखकर पावर बैंक को किसी भी प्रकार के सामान में रख देना उचित नहीं है।
अगर पावर बैंक से धुआं या आग निकलने लगे तो क्या करें?
सबसे पहले अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यदि पावर बैंक से धुआं, चिंगारी या आग दिखाई दे और स्थिति तेजी से बिगड़ रही हो तो उसके पास जाने या उसे उठाकर बाहर ले जाने की कोशिश न करें। लोगों को सुरक्षित दूरी पर ले जाना और स्थानीय अग्निशमन सेवा से सहायता लेना अधिक महत्वपूर्ण है।
लिथियम-आयन बैटरी की आग दोबारा भड़क सकती है और इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति को सामान्य विद्युत उपकरण की छोटी आग समझकर जोखिम उठाना उचित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया का उत्पाद सुरक्षा प्राधिकरण भी पावर बैंक में आग लगने की स्थिति में क्षेत्र खाली करने और आपात सेवा से संपर्क करने की सलाह देता है।
पावर बैंक इस्तेमाल करने के दस जरूरी नियम
पावर बैंक की सुरक्षा को आसान भाषा में समझें तो कुछ मूल नियम हमेशा याद रखने चाहिए। इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें, सीधी धूप से बचाएं, गर्म कार में न छोड़ें, बिस्तर या तकिए पर चार्ज न करें, चार्जिंग के दौरान उसे ढकें नहीं, निर्माता द्वारा सुझाए गए चार्जर और तार का इस्तेमाल करें, चाबी-सिक्कों जैसी धातु की वस्तुओं से अलग रखें, गिरने या क्षतिग्रस्त होने के बाद उसकी जांच करें, फूली या अत्यधिक गर्म बैटरी का इस्तेमाल बंद करें और खराब पावर बैंक को सामान्य कूड़े में न डालें। इन सावधानियों से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सुविधा के साथ सुरक्षा भी जरूरी
पावर बैंक ने निश्चित रूप से मोबाइल और दूसरे पोर्टेबल उपकरणों को चार्ज करना आसान बनाया है, लेकिन सुविधा के साथ जिम्मेदारी भी आती है। इसे सामान्य प्लास्टिक के डिब्बे या साधारण इलेक्ट्रॉनिक सामान की तरह कहीं भी रखना उचित नहीं है। इसके भीतर मौजूद ऊर्जा और लिथियम आधारित बैटरी के कारण तापमान, क्षति और चार्जिंग से जुड़े नियमों को गंभीरता से लेना चाहिए।






