
संवाद 24 डेस्क। डिजिटल दौर में Google Account केवल ईमेल तक सीमित नहीं रह गया है। Gmail, Google Drive, Photos, YouTube, Android स्मार्टफोन और कई ऑनलाइन सेवाएं इसी एक अकाउंट से जुड़ी होती हैं। ऐसे में यदि किसी कारणवश उपयोगकर्ता अपना पासवर्ड भूल जाए या उसके पास पुराना फोन उपलब्ध न हो, तो अकाउंट रिकवर करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए Google ने Selfie Video Sign-in और Account Recovery नाम का नया फीचर पेश किया है।
यह फीचर उपयोगकर्ताओं को अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए एक छोटा सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करने की सुविधा देता है। भविष्य में यदि उपयोगकर्ता अपने सामान्य लॉगिन तरीकों का उपयोग नहीं कर पाता है, तो इसी वीडियो के आधार पर उसकी पहचान सत्यापित कर अकाउंट तक पहुंच दिलाई जा सकती है।
क्या है Selfie Video Sign-in फीचर?
Selfie Video Sign-in एक बायोमेट्रिक आधारित पहचान सत्यापन प्रणाली है। इसमें उपयोगकर्ता को पहले से अपना एक छोटा वीडियो रिकॉर्ड करना होता है। रिकॉर्डिंग के दौरान स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों के अनुसार सिर को अलग-अलग दिशाओं में घुमाना या हल्का मूवमेंट करना पड़ता है।
Google इस वीडियो को केवल चेहरे की तस्वीर के रूप में नहीं देखता, बल्कि यह जांचता है कि सामने वास्तविक व्यक्ति मौजूद है या नहीं। इसे “लाइवनेस डिटेक्शन” तकनीक कहा जाता है, जिससे फोटो, रिकॉर्डेड वीडियो या AI आधारित डीपफेक के जरिए धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है।
अकाउंट रिकवरी में कैसे मिलेगी मदद?
अब तक यदि कोई उपयोगकर्ता अपना पासवर्ड भूल जाता था और उसके पास रिकवरी फोन या ईमेल उपलब्ध नहीं होता था, तो अकाउंट वापस पाना काफी कठिन हो सकता था।
नए फीचर के तहत उपयोगकर्ता पहले से सेव किए गए सेल्फी वीडियो के आधार पर अपनी पहचान साबित कर सकता है। Google नया वीडियो रिकॉर्ड कराकर उसे पहले से सुरक्षित वीडियो से मिलाता है। यदि दोनों का मिलान सफल रहता है और अन्य सुरक्षा जांच भी पूरी हो जाती हैं, तो उपयोगकर्ता को अकाउंट एक्सेस मिल सकता है।
सुरक्षा के लिए अपनाई गई आधुनिक तकनीक
Google का कहना है कि यह फीचर केवल चेहरे की समानता पर निर्भर नहीं करता। इसमें कई अतिरिक्त सुरक्षा स्तर शामिल किए गए हैं। इनमें लाइवनेस डिटेक्शन, चेहरे के विभिन्न कोणों का विश्लेषण, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और AI आधारित फर्जी वीडियो या डीपफेक को पकड़ने वाली तकनीक शामिल है।
यदि किसी लॉगिन प्रयास में असामान्य गतिविधि दिखाई देती है, तो Google अतिरिक्त सत्यापन भी मांग सकता है। इससे केवल वीडियो होने भर से अकाउंट तक पहुंच नहीं मिल जाती, बल्कि पूरी सुरक्षा प्रक्रिया लागू रहती है।
क्या उपयोगकर्ताओं की निजता सुरक्षित रहेगी?
बायोमेट्रिक डेटा को लेकर हमेशा गोपनीयता की चिंता रहती है। Google ने स्पष्ट किया है कि उपयोगकर्ता का सेल्फी वीडियो उसकी अनुमति से सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्ट करके रखा जाएगा। कंपनी का दावा है कि इस वीडियो का उपयोग केवल साइन-इन और अकाउंट रिकवरी के लिए किया जाएगा।
उपयोगकर्ता चाहें तो भविष्य में इस वीडियो को अपने अकाउंट से हटा भी सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति अन्य AI सेवाओं के लिए अपना डेटा साझा नहीं करना चाहता, तो उसके पास ऐसा न करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
किन लोगों के लिए होगा सबसे अधिक उपयोगी?
यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जो अक्सर डिवाइस बदलते हैं, पासवर्ड भूल जाते हैं या विदेश यात्रा के दौरान अपने पुराने फोन या सुरक्षा कुंजी तक पहुंच नहीं बना पाते।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और ऐसे उपयोगकर्ताओं के लिए भी यह आसान विकल्प हो सकता है जिन्हें पारंपरिक रिकवरी प्रक्रिया जटिल लगती है। हालांकि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अभी भी सलाह देते हैं कि केवल इसी फीचर पर निर्भर रहने के बजाय रिकवरी ईमेल, मोबाइल नंबर और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन भी सक्रिय रखना चाहिए।
फीचर कैसे सेटअप किया जा सकेगा?
Google इस फीचर को चरणबद्ध तरीके से दुनिया भर के उपयोगकर्ताओं के लिए जारी कर रहा है। जिन उपयोगकर्ताओं के अकाउंट में यह विकल्प उपलब्ध होगा, वे Google Account की Security एवं Sign-in Settings में जाकर Selfie Video विकल्प चुन सकेंगे।
इसके बाद कैमरे की सहायता से निर्देशों के अनुसार छोटा वीडियो रिकॉर्ड करना होगा। वीडियो सफलतापूर्वक सुरक्षित होने के बाद भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर यही वीडियो पहचान सत्यापन का आधार बनेगा।
क्या पासवर्ड की जरूरत खत्म हो जाएगी?
फिलहाल ऐसा नहीं है। Google ने स्पष्ट किया है कि Selfie Video Sign-in पारंपरिक पासवर्ड, Passkeys और Two-Factor Authentication का विकल्प नहीं बल्कि एक अतिरिक्त सुरक्षा माध्यम है।
यदि सामान्य लॉगिन उपलब्ध है तो उपयोगकर्ता उसी का उपयोग करेगा। Selfie Video मुख्य रूप से उन परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है, जब अन्य सभी सामान्य विकल्प उपलब्ध न हों।
Google का नया Selfie Video Sign-in फीचर डिजिटल सुरक्षा और उपयोगकर्ता सुविधा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। बढ़ते साइबर हमलों, फिशिंग और AI आधारित डीपफेक तकनीकों के दौर में केवल पासवर्ड पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं रह गया है।
हालांकि किसी भी बायोमेट्रिक तकनीक के साथ गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के सवाल जुड़े रहते हैं, लेकिन यदि Google अपने वादों के अनुसार एन्क्रिप्शन, उपयोगकर्ता की सहमति और डेटा नियंत्रण को प्राथमिकता देता है, तो यह फीचर लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए अकाउंट रिकवरी को पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुरक्षित बना सकता है। साथ ही विशेषज्ञों की सलाह यही है कि उपयोगकर्ता मजबूत पासवर्ड, Passkeys, Two-Factor Authentication और रिकवरी ईमेल जैसी सभी सुरक्षा सुविधाओं का भी उपयोग करते रहें, ताकि उनके Google Account की सुरक्षा कई स्तरों पर बनी रहे।






