काली पट्टी बांधकर लेखपालों का विरोध जारी, तिर्वा में समाधान दिवस पर जताई नाराजगी

संवाद 24 | तिर्वा, कन्नौज। उत्तर प्रदेश में अपनी लंबित मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन जारी है। इसी क्रम में तिर्वा तहसील क्षेत्र में लेखपालों ने शनिवार को थाना समाधान दिवस के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। लेखपाल संघ की प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर किए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्य बहिष्कार भी किए जाने की जानकारी सामने आई है। लेखपालों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

दस साल से लंबित वेतन विसंगति का मुद्दा

लेखपालों के अनुसार, प्रारंभिक वेतनमान को 2800 रुपये ग्रेड पे के अनुरूप किए जाने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग करीब दस वर्षों से लंबित है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस विषय का समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी लेखपाल संघ की ओर से इसी मांग को लेकर आवाज उठाई जा रही है। 

आठ साल से अंतरमंडलीय तबादले की मांग

लेखपालों ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि पिछले करीब आठ वर्षों से इस संबंध में अपेक्षित अवसर नहीं मिलने के कारण कई कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश स्तर पर संघ ने स्थानांतरण पोर्टल दोबारा खोलने और लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है। 

दो साल से पदोन्नति सूची का इंतजार

लेखपालों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से पदोन्नति सूची जारी नहीं होने के कारण उनके करियर और सेवा संबंधी मामलों पर असर पड़ रहा है। संघ की ओर से लंबित विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कर सूची जारी करने की मांग की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में लेखपालों ने ज्ञापन और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित किया है। 

भत्तों में बढ़ोतरी और नए लेखपालों के परिणाम की मांग

लेखपालों के मुताबिक, भत्तों में बढ़ोतरी का मामला भी लंबे समय से लंबित है। उनका दावा है कि करीब 16 वर्षों से भत्तों में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। इसके साथ ही नवनियुक्त लेखपालों के विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित करने और स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग भी उठाई जा रही है। संघ का कहना है कि इन मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को सेवा संबंधी अनिश्चितता से राहत मिल सके। 

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात

लेखपालों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर निर्णय नहीं होने तक विरोध का सिलसिला जारी रहेगा। प्रदेश में लेखपाल संघ की ओर से चरणबद्ध आंदोलन के तहत विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। अब शासन स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है और लंबित मामलों का निस्तारण कब तक होता है, इस पर कर्मचारियों की निगाहें टिकी हैं।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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