
तिर्वा/कन्नौज। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत शनिवार को तिर्वा तहसील के लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए एसडीएम कार्यालय के निकट धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और दोपहर करीब दो बजे मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।लेखपाल संघ का यह आंदोलन केवल तिर्वा तक सीमित नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी तीन अक्टूबर को लेखपालों ने समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। कन्नौज में भी संघ की ओर से लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की घोषणा पहले ही की गई थी।
10 साल से 2800 ग्रेड पे की मांग
लेखपालों का कहना है कि प्रारंभिक वेतनमान को 2800 ग्रेड पे के अनुरूप किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग करीब एक दशक से लंबित है। इसके अलावा आठ वर्षों से अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया लंबित होने का दावा भी संघ की ओर से किया गया है। इन मांगों को लेकर संघ शासन स्तर पर कई बार अपनी बात रख चुका है।
पदोन्नति और भत्तों को लेकर भी नाराजगी
संघ के अनुसार पिछले दो वर्षों से लेखपालों की पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई है। वहीं भत्तों में बढ़ोतरी का मामला भी लंबे समय से लंबित बताया गया है। विभिन्न जिलों से सामने आई रिपोर्टों में लेखपाल संघ ने स्टेशनरी, वाहन और विशेष भत्ते में वृद्धि सहित अन्य सुविधाओं की मांग भी रखी है।
नवनियुक्त लेखपालों के परीक्षा परिणाम और स्थायीकरण का मुद्दा
लेखपालों ने नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करने तथा इसके बाद स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग भी उठाई है। संघ का कहना है कि यह प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है, जिससे संबंधित कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मांग प्रदेश के अन्य जिलों में दिए गए ज्ञापनों में भी प्रमुखता से सामने आई है।
तकनीकी संसाधन और कार्यभार से जुड़ी मांगें भी शामिल
लेखपाल संघ की मांगों में पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के अतिरिक्त कार्यों से लेखपालों को मुक्त करना, ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाएं एवं सुरक्षा उपलब्ध कराना तथा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल जैसे संसाधन उपलब्ध कराना भी शामिल है।
24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
लेखपाल संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया है। विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्टों के अनुसार आठ अक्टूबर से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार, 10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध, 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर और 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली जैसे कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन एवं कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है।
आंदोलन से आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका
लेखपाल राजस्व विभाग से जुड़े आय, जाति, निवास, वरासत, किसान पंजीकरण और सत्यापन जैसे कई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए यदि आंदोलन आगे बढ़ता है और ऑनलाइन अथवा अन्य कार्यों का बहिष्कार होता है तो इन सेवाओं के निस्तारण पर असर पड़ने की संभावना है। हालांकि तिर्वा में आगे की स्थिति प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच होने वाली बातचीत तथा शासन के निर्णय पर निर्भर करेगी।






