
ठठिया/उमर्दा, कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र के सिमरिया मौजा स्थित रम्मापुरवा गांव में एक व्यक्ति के कथित रूप से गलत उपचार के बाद हाथ में गंभीर संक्रमण और सड़न होने का मामला सामने आया है। पीड़ित की पत्नी उषा पत्नी कल्लू ने गांव में क्लीनिक संचालित करने वाले कथित झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत की है। महिला का आरोप है कि बुखार के इलाज के दौरान लगाए गए इंजेक्शन के बाद उनके पति के हाथ की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और अब सर्जरी की नौबत आ गई है।
बुखार के इलाज के लिए गए थे, इंजेक्शन के बाद बढ़ी परेशानी
शिकायत के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को कल्लू को बुखार आया था। इसके बाद परिजन उन्हें गांव के एक निजी क्लीनिक पर उपचार के लिए ले गए। उषा का आरोप है कि वहां चिकित्सक ने उनके पति के हाथ की नस में दो इंजेक्शन लगाए। इंजेक्शन लगने के बाद हाथ में दर्द शुरू हो गया और घर पहुंचने के बाद हाथ पर छाले पड़ने लगे।
तिर्वा से कानपुर तक चला इलाज
परिजनों के मुताबिक अगले दिन कल्लू की हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज, तिर्वा में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कानपुर रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि कानपुर में लंबे समय तक उपचार कराने के बावजूद हाथ की सूजन और सड़न में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
मांस सड़ने का बताया गया, सर्जरी की बात
उषा के अनुसार, चिकित्सकों ने जांच और उपचार के दौरान हाथ के मांस के काफी हिस्से के खराब होने की बात बताई और हाथ को बचाने के लिए सर्जरी की आवश्यकता बताई। परिवार का दावा है कि अब तक इलाज में करीब पांच लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। हालांकि, इस चिकित्सकीय स्थिति और इंजेक्शन के बीच कारणात्मक संबंध की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर थाने तक शिकायत
मामले में पीड़ित की पत्नी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही ठठिया थाना प्रभारी को भी लिखित शिकायत दी है। शिकायत में संबंधित चिकित्सक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार के अनुसार मामला स्वास्थ्य विभाग से संबंधित है। वहीं, उप चिकित्सा अधिकारी कन्नौज महेंद्र सिंह ने शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
ठठिया क्षेत्र में पहले भी सामने आ चुके हैं कथित झोलाछाप उपचार के मामले
ठठिया क्षेत्र में इससे पहले भी कथित झोलाछाप तरीके से इलाज के आरोपों से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। अप्रैल 2026 में ठठिया क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवती की इलाज के बाद मौत का मामला सामने आया था, जिसमें परिजनों ने स्थानीय स्तर पर इलाज करने वाले व्यक्ति पर आरोप लगाए थे। पुलिस ने उस समय शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही थी।वहीं, ठठिया क्षेत्र के जैनपुर स्थित सरकारी आरोग्य केंद्र में चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी पूर्व में रिपोर्ट प्रकाशित हो चुकी है, जिसमें ग्रामीणों को इलाज के लिए इंतजार करने की बात सामने आई थी।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
फिलहाल मामले में शिकायतकर्ता के आरोपों की जांच और संबंधित स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का इंतजार है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि मरीज की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति का वास्तविक कारण क्या है और लगाए गए इंजेक्शन का उससे कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं। जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में जिम्मेदारी तय हो सकेगी।






