कन्नौज में लेखपालों का बड़ा कदम: अतिरिक्त हल्कों के बस्ते जमा, अब मूल क्षेत्र में ही करेंगे काम

कन्नौज। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से अतिरिक्त कार्यभार और लंबित मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर चल रहे विरोध के बीच कन्नौज में भी लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों की जिम्मेदारी से संबंधित बस्ते जमा कर दिए। मंगलवार शाम करीब 5 बजे तीनों तहसीलों के लेखपाल संघ के नेतृत्व में संबंधित कार्यालय पहुंचे और अतिरिक्त क्षेत्र के बस्ते जमा कर अपना विरोध दर्ज कराया।

मूल तैनाती क्षेत्र तक सीमित रहेगा काम

लेखपालों ने स्पष्ट किया कि अब वे अपने मूल तैनाती क्षेत्र की जिम्मेदारियों का ही निर्वहन करेंगे। अतिरिक्त क्षेत्र से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी नहीं उठाने की बात कही गई है। संघ के इस निर्णय से कन्नौज जिले की तीनों तहसीलों में अतिरिक्त प्रभार वाले राजस्व क्षेत्रों के कामकाज को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है।

रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में जमा किए बस्ते

जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार और महामंत्री अभिषेक द्विवेदी के नेतृत्व में लेखपालों का समूह रजिस्ट्रार कानूनगो रामजीवन के कार्यालय पहुंचा। यहां अतिरिक्त क्षेत्रों से संबंधित बस्ते जमा किए गए। इसके बाद लेखपालों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों और निर्णय के समर्थन में विरोध दर्ज कराया।

लंबित मांगों पर सुनवाई न होने का आरोप

महामंत्री अभिषेक द्विवेदी ने कहा कि लेखपालों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर संगठन की ओर से शासन स्तर पर कई बार अपनी बात रखी जा चुकी है। उनके अनुसार, अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण संगठन ने अतिरिक्त क्षेत्रों की जिम्मेदारी से पीछे हटने का निर्णय लिया है। संघ की ओर से इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पहले ही अवगत कराए जाने की बात कही गई।

ऑनलाइन और ऑफलाइन काम से भी दूरी

लेखपालों ने कहा कि अतिरिक्त क्षेत्र से संबंधित ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्य भी नहीं किए जाएंगे। यानी लेखपाल अपने मूल क्षेत्र में राजस्व संबंधी दायित्वों का निर्वहन करेंगे, जबकि अतिरिक्त क्षेत्र से जुड़े कार्यों को लेकर संघ ने बहिष्कार का रुख अपनाया है।

प्रदेशभर में चल रहा है अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार का मुद्दा

कन्नौज का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में अतिरिक्त हल्कों के कार्यों के बहिष्कार की घोषणा और ज्ञापन दिए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालिया रिपोर्टों में 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों का कार्य छोड़ने और संबंधित बस्ते तहसील अथवा राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा करने की बात कही गई है।

किन मांगों को लेकर है विवाद?

अलग-अलग जिलों में संघ की ओर से दिए गए ज्ञापनों में अंतरमंडलीय स्थानांतरण पोर्टल खोलने, लंबित पदोन्नति सूची जारी करने, विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित करने, स्टेशनरी एवं यात्रा सहित विभिन्न भत्तों में वृद्धि और अतिरिक्त कार्यभार से संबंधित मांगें उठाई गई हैं।कन्नौज में भी लेखपाल संघ द्वारा हाल में प्रमाणपत्रों की प्रिंटिंग में हुए खर्च के भुगतान की मांग उठाई गई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार कन्नौज, तिर्वा और छिबरामऊ में सितंबर 2024 से इस भुगतान के लंबित होने का दावा किया गया है।

इन लेखपालों ने दर्ज कराया विरोध

बस्ता जमा करने के दौरान शुभम मिश्रा, विशाल चौरसिया, निखिल कुमार, आफताब आलम, अखिलेश मिश्रा, अभिनय गौतम और रीतू सिंह सहित कई लेखपाल मौजूद रहे।

Shivpratap Singh
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