
कन्नौज। आलू किसानों की समस्याओं को लेकर सोमवार को कन्नौज कलक्ट्रेट परिसर में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। एडीएम आवास के सामने स्थित मैदान में टेंट लगाकर कार्यकर्ता धरने पर बैठे और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
निगरानी के बीच टेंट के पीछे फूंका गया पुतला
धरने के दौरान उस समय स्थिति अचानक बदल गई, जब कुछ सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मौजूदगी के बावजूद टेंट के पीछे सरकार का पुतला फूंक दिया। बताया गया कि कुछ महिला नेत्रियों के साथ कार्यकर्ता टेंट के पीछे पहुंचे थे। बाउंड्री के बाहर पुलिस बल की तैनाती के बावजूद पुतला जलाए जाने की घटना से मौके पर हलचल बढ़ गई।
धुआं उठते ही दौड़ी पुलिस, जलता पुतला छीना
टेंट के पीछे से धुआं उठता देखकर पुलिसकर्मी तत्काल मौके की ओर दौड़े। वहां पहुंचकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जलता हुआ पुतला अपने कब्जे में ले लिया और आग बुझाई। इस दौरान पुतला छीने जाने को लेकर कुछ महिला नेत्रियों और पुलिसकर्मियों के बीच आपत्ति जताने की स्थिति भी दिखाई दी। पुलिसकर्मी आग बुझाने में जुटे रहे।
सपा नेताओं ने पुतला फूंके जाने से जताई अनभिज्ञता
घटना को लेकर सपा नेता जय कुमार तिवारी ने पुतला फूंके जाने की जानकारी होने से इनकार किया। वहीं सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव शशिमा सिंह दोहरे ने पुतला फूंके जाने की जानकारी मिलने की बात कही, लेकिन इसे किस व्यक्ति ने फूंका, इसकी जानकारी होने से इनकार किया।
आलू किसानों का मुद्दा बना प्रदर्शन का केंद्र
सपा कार्यकर्ताओं का धरना आलू किसानों की समस्याओं को लेकर था। कन्नौज में आलू किसानों को उचित मूल्य न मिलने और उत्पादन लागत तक नहीं निकल पाने का मुद्दा हाल के दिनों में लगातार उठ रहा है। हाल ही में स्थानीय स्तर पर किसानों ने उचित मूल्य, बिजली आपूर्ति सहित अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है।
पुलिस के बीच उठता रहा सवाल—पुतला पहुंचा कैसे?
पुतला जलाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि कड़ी निगरानी के बावजूद पुतला धरना स्थल तक कैसे पहुंचा। बताया गया कि प्रदर्शन में शामिल कुछ सपा नेता अपनी कारों से मौके पर पहुंचे थे। ऐसे में यह आशंका भी जताई गई कि पुतला किसी वाहन के माध्यम से धरना स्थल तक पहुंचाया गया होगा। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
कुछ देर के लिए बनी रही अफरा-तफरी की स्थिति
कलक्ट्रेट परिसर में पुलिस की मौजूदगी के बीच पुतला जलाए जाने और फिर पुलिस द्वारा उसे बुझाए जाने की घटना से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रदर्शन के दौरान उठे इस घटनाक्रम ने किसानों की समस्याओं को लेकर चल रहे धरने को भी चर्चा में ला दिया।






