
तिर्वा, कन्नौज। बदलते मौसम के बीच खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे समय में तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में कफ सीरप का स्टॉक खत्म होने की जानकारी सामने आई है। इससे चिकित्सकीय परामर्श के बाद कफ सीरप लिखे जाने वाले मरीजों को दवा अस्पताल से उपलब्ध नहीं हो पा रही है और उन्हें इसे बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
रोजाना हजारों मरीजों की आवाजाही, दवा की कमी से बढ़ी परेशानी
राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में भी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक रहने का उल्लेख मिलता रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार यहां ओपीडी में प्रतिदिन एक से दो हजार तक मरीज पहुंचने का आंकड़ा पहले भी सामने आ चुका है।मौसम में बदलाव के साथ श्वसन संबंधी सामान्य संक्रमण और खांसी-जुकाम के मरीज बढ़ने से दवाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में कफ सीरप का स्टॉक समाप्त होना मरीजों और तीमारदारों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रहा है।
डॉक्टर लिख रहे दवा, लेकिन अस्पताल के काउंटर पर उपलब्ध नहीं
जानकारी के मुताबिक ओपीडी में चिकित्सक मरीजों की स्थिति के अनुसार कफ सीरप लिख रहे हैं, लेकिन अस्पताल के दवा स्टॉक में उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को इसे बाजार से खरीदना पड़ रहा है। इससे सरकारी अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने माना—कफ सीरप खत्म, भेजा गया मांग पत्र
मामले में मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह के अनुसार बदलते मौसम के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कफ सीरप का स्टॉक समाप्त होने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि दवा की उपलब्धता के लिए मांग पत्र भेजा गया है। उनका कहना है कि कफ सीरप की आपूर्ति होते ही मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकारी अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता पर उठे सवाल
मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जरूरी दवाओं की नियमित उपलब्धता मरीजों के हित में महत्वपूर्ण है। तिर्वा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ने के बीच दवा स्टॉक की निगरानी और समय रहते आपूर्ति सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन के सामने अहम चुनौती है।






