सीवरेज प्लांट पहुंचकर डीएम ने परखी शोधन व्यवस्था, मशीनों की निगरानी और रखरखाव पर दिया जोर

कन्नौज। शहर में सीवरेज जल के उचित शोधन और प्लांट की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट में पहुंचने वाले सीवरेज जल से लेकर उसके शोधन के बाद निकलने वाले पानी तक की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा और संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी का नाम और पद कन्नौज जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दर्ज है।

हर यूनिट की कार्यप्रणाली समझी, साफ पानी का लिया सैंपल

निरीक्षण के दौरान डीएम ने एसटीपी की अलग-अलग यूनिटों का जायजा लिया। उन्होंने सीवरेज जल के शोधन की प्रक्रिया, प्लांट की तकनीकी व्यवस्था और संचालन से संबंधित जानकारी अधिकारियों से ली। शोधित पानी का सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता की भी जांच की गई, ताकि यह देखा जा सके कि उपचारित पानी निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के उपलब्ध आंकड़ों में कन्नौज के एसटीपी को परिचालन में दर्ज किया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सीवरेज उपचार की व्यवस्था शहर में नदी प्रदूषण को कम करने की व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है।

क्लोरीन टैंक से लेकर स्काडा रूम तक देखीं तकनीकी व्यवस्थाएं

जिलाधिकारी ने प्लांट के क्लोरीन टैंक का भी निरीक्षण किया और शोधित पानी में क्लोरीन की मात्रा तथा उसके इस्तेमाल की प्रक्रिया की जानकारी ली। इसके साथ ही ऑपरेटर रूम, स्काडा रूम और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी देखा गया।उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्लांट के उपकरणों की नियमित निगरानी की जाए तथा संचालन में किसी तरह की लापरवाही न हो। मशीनों के बेहतर रखरखाव पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने तकनीकी खराबी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बिजली गुल होने पर भी न रुके प्लांट, जनरेटर के रखरखाव के निर्देश

निरीक्षण के दौरान 500 केवीए जनरेटर की व्यवस्था भी देखी गई। जिलाधिकारी ने जनरेटर की नियमित सर्विस और मेंटेनेंस कराने के निर्देश दिए, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी सीवरेज शोधन का काम प्रभावित न हो।डीएम ने स्पष्ट किया कि प्लांट की मशीनरी और उपकरणों का समय-समय पर रखरखाव आवश्यक है। किसी भी तकनीकी समस्या को लंबित रखने के बजाय तत्काल समाधान किया जाए, जिससे सीवरेज शोधन व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित होती रहे।

नदी प्रदूषण रोकने में अहम है सीवरेज शोधन व्यवस्था

कन्नौज में सीवरेज व्यवस्था का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि क्षेत्र की नदियां गंगा की जल गुणवत्ता से जुड़ी हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की परियोजनाओं का व्यापक उद्देश्य सीवेज के उपचार के माध्यम से नदियों में प्रदूषित जल का प्रवाह कम करना है। केंद्र सरकार की परियोजनाओं में कन्नौज के समीप काली नदी और गंगा से जुड़े प्रदूषण को कम करने की दिशा में भी प्रयासों का उल्लेख किया गया है।

अधिकारियों को दिए प्रभावी संचालन के निर्देश

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को एसटीपी की सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने, मशीनों का नियमित रखरखाव करने और गुणवत्ता मानकों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान नगर पालिका परिषद कन्नौज के अधिशासी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन चौधरी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण का मुख्य फोकस सीवरेज जल के प्रभावी शोधन, प्लांट की तकनीकी व्यवस्थाओं और शोधित पानी की गुणवत्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर रहा।

Shivpratap Singh
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