
कन्नौज। जिले में लगातार हो रही बारिश अब ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है। तिर्वा तहसील क्षेत्र में बारिश के दौरान दो कच्चे मकान ढह गए, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। दोनों घटनाओं में राहत की बात यह रही कि मकान गिरने के समय परिवार के सदस्य अंदर मौजूद नहीं थे और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हाल के दिनों में कन्नौज के ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
नारायण पुरवा में विधवा महिला का मकान ढहा, पड़ोसी के घर गुजरी रात
पहली घटना भुन्ना ग्राम पंचायत के नारायण पुरवा में सामने आई। यहां चमेली देवी पत्नी स्वर्गीय राम स्नेही का कच्चा मकान बारिश के चलते अचानक ढह गया। हादसे के वक्त मकान के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया।बताया गया है कि चमेली देवी के पति राम स्नेही का पिछले वर्ष निधन हो चुका है। वह अपनी बेटी विनीता और उसके बच्चों हर्ष तथा हर्षित के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। मकान गिरने के बाद परिवार का सामान पड़ोसी के घर रखा गया और रात गुजारने के लिए भी उन्हें पड़ोसी के सहारे रहना पड़ा।
एक और परिवार पर टूटा बारिश का कहर
दूसरी घटना भुन्ना मौजा में हुई, जहां सनोज शुक्ला पुत्र संतोष शुक्ला का कच्चा मकान लगातार बारिश के बीच भरभराकर गिर गया। इस घटना में भी परिवार के सदस्य मकान के भीतर नहीं थे, इसलिए किसी की जान नहीं गई।मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सुरक्षित आवास की समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे मकान में रहना बेहद जोखिम भरा है और उन्हें तत्काल प्रशासनिक सहायता की आवश्यकता है।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, गांवों में जलभराव का भी असर
कन्नौज में पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। तिर्वा क्षेत्र में भी सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।वहीं, मंगलवार को कन्नौज के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की खबर सामने आई। तिर्वा क्रॉसिंग सहित कई निचले इलाकों में पानी भरने और घरों तक पानी पहुंचने की सूचना है।
प्रशासन से आर्थिक मदद और पक्के मकान की मांग
दोनों प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश में कच्चे मकान के गिर जाने के बाद उनके पास सुरक्षित रहने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बची है।ग्राम पंचायत सचिव बाबू लाल के अनुसार, चमेली देवी का नाम आवास योजना की सूची में शामिल है। ऐसे में परिवार को आवास योजना का लाभ कब और किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा, यह प्रशासनिक स्तर पर आगे स्पष्ट होना है।
सवाल सिर्फ मुआवजे का नहीं, सुरक्षित छत का भी
लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा अब बड़ा सवाल बनती जा रही है। कन्नौज में हाल के दिनों में भी बारिश से कच्चे मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। एक अन्य मामले में प्रशासनिक लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी थी।ऐसे में नारायण पुरवा और भुन्ना मौजा के प्रभावित परिवारों की मांग अब केवल क्षतिग्रस्त मकान के नुकसान की भरपाई तक सीमित नहीं है। उनकी सबसे बड़ी जरूरत बारिश और आपदा से सुरक्षित स्थायी आवास की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ आवास योजना का लाभ कितनी जल्दी उपलब्ध कराता है।






