
कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र में बैंक ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से महिला के बैंक खाते से करीब 44.92 लाख रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, खाते से रकम निकालने के लिए महिला के अंगूठे के कथित क्लोन का इस्तेमाल किया गया। मामले में पुलिस ने उमगरा गांव निवासी ग्राहक सेवा केंद्र संचालक अंशु कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
जमीन अधिग्रहण के मुआवजे से खाते में आई थी करीब 45 लाख की रकम
मामला अलीपुर आहना गांव निवासी हुस्ना बेगम पत्नी हलीम खां से जुड़ा है। बताया गया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण के एवज में उन्हें मुआवजा मिला था। यह रकम यूनियन बैंक की पट्टी शाखा स्थित उनके खाते में जमा थी। बैंकिंग लेनदेन के लिए वह ठठिया के जैनपुर तिराहा स्थित यूनियन बैंक ग्राहक सेवा केंद्र पर जाती थीं।
ग्राहक सेवा केंद्र पर अंगूठा लगवाने के बाद हुआ कथित खेल
पुलिस की जांच के मुताबिक, ग्राहक सेवा केंद्र पर लेनदेन के दौरान हुस्ना बेगम का बायोमेट्रिक लिया जाता था। बाद में उनके खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी सामने आई। जुलाई के अंतिम सप्ताह में बेटी की तबीयत खराब होने पर जब हुस्ना बेगम पैसे निकालने ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचीं, तब उन्हें खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने की जानकारी मिली।इसके बाद उन्होंने यूनियन बैंक की शाखा में पहुंचकर खाते से रकम गायब होने की शिकायत की। बैंक स्तर से ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के खिलाफ सीधे कार्रवाई न होने की बात कहे जाने के बाद महिला ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर फ्रीज कराया खाता
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने खाते को फ्रीज कराया और लेनदेन की जांच शुरू की। साइबर थाना प्रभारी ध्यानेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने ग्राहक सेवा केंद्र संचालक अंशु कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी में नकदी से लेकर बायोमेट्रिक उपकरण तक बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से 51,500 रुपये नकद, तीन मोहरें, चार एमसील के पैकेट, कथित तौर पर क्लोन किए गए अंगूठे के दो निशान, तीन बायोमेट्रिक डिवाइस, यूनियन बैंक की 12 पासबुक और 20 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक एंटी करप्शन मीडिया इन्वेस्टिगेशन कार्ड और एक आयकर विभाग कार्ड भी मिलने की बात पुलिस ने बताई है।
दूसरे खातों की भी जांच की संभावना, 20 एटीएम कार्ड ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
आरोपी के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और पासबुक मिलने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। हालांकि, बरामद दस्तावेजों और कार्डों से जुड़े अन्य खातों में किसी तरह की धोखाधड़ी हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बायोमेट्रिक फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत
बायोमेट्रिक आधारित बैंकिंग में ग्राहक की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल किया जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में फिंगरप्रिंट क्लोनिंग के जरिए बैंक खातों से रकम निकालने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। उदाहरण के तौर पर, आजमगढ़ में पुलिस ने एक मामले में क्लोन किए गए फिंगरप्रिंट और उन्हें तैयार करने के उपकरण बरामद किए थे।ऐसे मामलों को देखते हुए बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे प्रत्येक लेनदेन की रसीद प्राप्त करें, खाते में मोबाइल नंबर सक्रिय रखें और संदिग्ध निकासी दिखाई देने पर तत्काल बैंक तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन/पुलिस को सूचना दें।






