
कन्नौज। जिले के मानीमऊ चौकी क्षेत्र अंतर्गत दाईपुर गांव स्थित बद्री घाट पर महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा स्नान के लिए आने वाली महिलाओं और युवतियों के लिए घाट पर अब तक चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में स्नान के बाद उन्हें कपड़े बदलने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पाता।
आस्था के घाट पर सुविधा का इंतजार
बद्री घाट पर गंगा स्नान के लिए स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के सोमवार जैसे धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। घाट के किनारे प्राचीन शिव मंदिर भी है, जहां गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
खुले में कपड़े बदलने की मजबूरी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घाट पर महिलाओं के लिए अलग चेंजिंग रूम नहीं होने के कारण उन्हें खुले स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। यही स्थिति उनकी निजता और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि घाट के आसपास मौजूद ऊंचे टीलों से कुछ असामाजिक तत्व महिलाओं की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश करते हैं।
वीडियो बनाए जाने के आरोप से बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं और युवतियों के वीडियो बनाए जाने की शिकायतों के कारण कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है। ऐसे में घाट पर चेंजिंग रूम, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि, वीडियो बनाए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सात महीने बाद भी नहीं बदली तस्वीर?
दाईपुर निवासी भाजपा नेता एवं किसान मोर्चा जिला मंत्री शुभु मिश्रा के अनुसार, बद्री घाट की समस्याओं को लेकर समाज कल्याण मंत्री एवं सदर विधायक असीम अरुण को पत्र दिया गया था। उनके मुताबिक, जनवरी 2026 में मंत्री असीम अरुण ने पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर घाट के सुंदरीकरण और चेंजिंग रूम निर्माण की मांग की थी, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब सात महीने बीतने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है।
घाट पर सुरक्षा व्यवस्था भी जरूरी
गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा केवल सुविधा तक सीमित नहीं है। स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग, निगरानी और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी महत्वपूर्ण हैं। कन्नौज के प्रमुख महादेवी घाट पर भी प्रशासन ने बड़े स्नान पर्वों के दौरान पुलिस बल, फ्लड पीएसी, गोताखोर और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाएं की हैं।
प्रशासन से ग्रामीणों की मांग—घाट का हो विकास
ग्रामीणों की मांग है कि बद्री घाट का सर्वे कराकर महिलाओं के लिए सुरक्षित चेंजिंग रूम, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और गहरे पानी वाले हिस्सों में सुरक्षा बैरिकेडिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही महिलाओं की निजता भंग करने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए निगरानी और पुलिस व्यवस्था मजबूत की जाए।
सवाल सिर्फ सुविधा का नहीं, सुरक्षा और सम्मान का भी
बद्री घाट पर चेंजिंग रूम की मांग अब केवल विकास कार्य से जुड़ा मुद्दा नहीं रह गई है। महिला श्रद्धालुओं की निजता, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े सवाल भी इसके साथ जुड़े हैं। अब देखना होगा कि स्थानीय लोगों की शिकायतों और मांगों पर संबंधित विभाग कब कार्रवाई करता है और बद्री घाट पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार कब शुरू होता है।






