
कन्नौज जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह पुलिस और संदिग्ध जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हो गई। उमर्दा गांव के पास निचली गंग नहर की पटरी पर हुई इस कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथियों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाश को पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह सूचना मिली थी कि बाइक सवार तीन संदिग्ध जहरखुरान बदमाश निचली गंग नहर की पटरी से इंदरगढ़ की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद इंदरगढ़ थाना पुलिस ने उमर्दा मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की।बताया गया कि कुछ ही देर बाद पुलिस को बाइक सवार तीन युवक दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर गिर पड़ा।
एक घायल, दो को दौड़ाकर पुलिस ने पकड़ा
गोली लगने के बाद घायल बदमाश को पुलिस ने कब्जे में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। इसी दौरान उसके दो साथी मौके से भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी और पीछा कर दोनों को पकड़ लिया।पुलिस ने मौके से बाइक समेत अन्य सामान बरामद किए जाने की बात कही है। बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की विस्तृत जानकारी पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद सामने आने की उम्मीद है।
दो माह पुरानी लूट का भी खुलासा होने का दावा
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने कथित तौर पर करीब दो माह पहले हुई लूट की वारदात के बारे में जानकारी दी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 23 जून को औरैया जिले के बेला कस्बे से एक युवक को बाइक पर लिफ्ट देने के बहाने साथ लिया गया था।आरोप है कि रास्ते में युवक को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया गया। उसके बेहोश होने के बाद उसे कन्नौज जिले के निकारीपुर गांव के पास फेंक दिया गया और उसके पास मौजूद सोने की चेन, सोने की अंगूठी, 5,500 रुपये नकद तथा मोबाइल फोन लूट लिया गया।
पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का सहारा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राजू बैरया उर्फ रघुवीर के पास ‘राजू यादव’ नाम से आधार कार्ड होने की बात बताई गई, जिसमें पता दिल्ली का दर्ज था, जबकि उसका वास्तविक पता तालग्राम थाना क्षेत्र के पलरी गांव का बताया गया।पुलिस अब इस कथित फर्जी पहचान के इस्तेमाल की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने जहरखुरानी और लूट की कितनी अन्य घटनाओं को अंजाम दिया है।
अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल की जा रही है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि गिरोह का नेटवर्क केवल कन्नौज और आसपास के जिलों तक सीमित है या इसके तार दूसरे राज्यों तक जुड़े हुए हैं।कार्रवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी तिर्वा कुलवीर सिंह की मौजूदगी में इंदरगढ़ थाना पुलिस और तिर्वा कोतवाली पुलिस की टीम ने घेराबंदी की। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस कार्रवाई के बाद कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे
मुठभेड़ के बाद पुलिस की जांच अब केवल गिरफ्तार तीन आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जहरखुरानी की घटनाओं में इस्तेमाल होने वाला तरीका क्या था, फर्जी पहचान पत्र कहां से तैयार कराए गए और लूट के बाद आरोपियों का नेटवर्क किन लोगों तक पहुंचता था।फिलहाल एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल है और उसके दो साथी हिरासत में हैं। पुलिस की विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद गिरोह की गतिविधियों और इससे जुड़ी अन्य वारदातों को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।






