
कन्नौज जिले में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शव को कथित तौर पर चुपचाप जलाए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के पहुंचते ही चिता छोड़कर भागे लोगों के बाद मौके पर पहुंची टीम ने आग बुझाकर जले हुए अवशेष बरामद किए हैं। पुलिस ने अवशेषों को जांच के लिए भेजा है। मामले की जांच के बाद ही महिला की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
संदिग्ध मौत के बाद नहर किनारे जलाई जा रही थी चिता
बताया गया कि इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के कन्हईपुरवा गांव निवासी छोटू वर्मा के घर पर मंगलवार सुबह एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसके बाद महिला के शव को गांव से करीब एक किलोमीटर दूर नहर की कटरी में ले जाकर चिता तैयार कर जलाने की बात सामने आई।ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो चिता जल रही थी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोग कथित तौर पर मौके से भाग गए। पुलिसकर्मियों ने पानी डालकर आग बुझाई और चिता से जले हुए अवशेष बरामद किए।
अवशेषों से खुलेगा महिला की पहचान और मौत का राज
पुलिस के अनुसार चिता से बरामद अवशेषों में खोपड़ी और पैर का हिस्सा भी शामिल है। इन अवशेषों को डीएनए जांच के लिए भेजे जाने की बात कही गई है। जांच रिपोर्ट से महिला की पहचान की पुष्टि होने के साथ ही घटना से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।फिलहाल महिला की मौत कैसे हुई, शव को जल्दबाजी में क्यों जलाया गया और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। इसलिए मौत की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।
डेढ़ महीने पहले पति और बच्चों को छोड़कर दिल्ली जाने की बात
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक मृतका की पहचान रैपुरा निवासी किरन (36) के रूप में बताई जा रही है। उसकी शादी वर्ष 2011 में विनय कुमार से हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। आरोप है कि करीब डेढ़ महीने पहले वह अपने पति और बच्चों को छोड़कर दिल्ली चली गई थी, जहां उसकी छोटू वर्मा से नजदीकियां बढ़ी थीं।बताया गया कि करीब एक सप्ताह पहले छोटू उसे अपने गांव कन्हईपुरवा लेकर आया था। मंगलवार को महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शव को नहर किनारे ले जाकर अंतिम संस्कार करने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई।
पति ने लगाए गंभीर आरोप, पहले शिकायत करने की भी बात
महिला के पति विनय कुमार मंगलवार दोपहर अपने दोनों बच्चों के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ महीने पहले छोटू वर्मा अपने भाइयों की मदद से उनकी पत्नी को घर से ले गया था। पति ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पत्नी को ले जाने के संबंध में विशुनगढ़ थाने में शिकायतें की थीं।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और शिकायतों से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जानी है।
इंदरगढ़ और ठठिया थाना क्षेत्र के बीच उलझा मामला
घटना के शुरुआती चरण में थाना क्षेत्र को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं थी। छोटू वर्मा का गांव इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में बताया गया, जबकि जिस स्थान पर नहर किनारे चिता जलाए जाने की बात सामने आई, वह ठठिया थाना क्षेत्र में आता है। कन्नौज जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर इंदरगढ़ और ठठिया दोनों को जिले के अलग-अलग पुलिस थानों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।मामला क्षेत्राधिकारी तिर्वा के संज्ञान में आने के बाद इंदरगढ़ थाना पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अवशेषों को कब्जे में लिया और जांच आगे बढ़ाई।
डीएनए रिपोर्ट और जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र महिला की पहचान, मौत की वास्तविक वजह और शव को कथित रूप से जल्दबाजी में जलाने के पीछे की वजह है। डीएनए जांच, पोस्टमार्टम तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।






